छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव क्षेत्र में आदिवासी नाबालिग युवतियों के साथ हुए दुष्कर्म मामले को लेकर विवाद और गहरा गया है। जहां एक ओर हिंदू संगठनों ने आरोपियों को थाने में विशेष सुविधा दिए जाने का आरोप लगाकर विरोध प्रदर्शन किया था, वहीं अब दूसरे पक्ष ने वीडियो जारी कर इन आरोपों को गलत बताते हुए पलटवार किया है। हिंदूवादी संगठन के नेता अरविंद राजपूत ने पहले आरोप लगाया था कि गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से जुड़े एक स्थानीय नेता द्वारा दुष्कर्म के आरोपियों को थाने में विशेष सुविधाएं दिलाई जा रही हैं, यहां तक कि उन्हें मिनरल वाटर तक उपलब्ध कराया गया। गोंडवाना पार्टी के नेता ने दी सफाई
अब इस मामले में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से जुड़े नेता मोहिद खान ने एक वीडियो जारी कर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा किसी भी आरोपी को कोई सुविधा नहीं दी गई। वीडियो में उन्होंने स्पष्ट किया कि थाने में मौजूद एक बालिका ने पानी मांगा था, जिसके बाद उन्होंने मानवता के नाते उसे पानी की बोतल दी थी। मोहिद खान ने अरविंद राजपूत पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने इसे भ्रामक प्रचार बताते हुए संबंधित विभाग से अरविंद राजपूत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पॉक्सो एक्ट में हुई है गिरफ्तारी
गौरतलब है कि इस मामले में आरोपी पिता सगीर खान और पुत्र उजेर खान को पुलिस ने पड़ोसी जिले की सीमा से गिरफ्तार किया है। दोनों पर दो नाबालिग बहनों के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, एससी/एसटी एक्ट सहित बलात्कार की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। इधर, हिंदू संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग दोहराते हुए कहा है कि यदि आरोपियों को किसी भी प्रकार की विशेष सुविधा दी गई है, तो इसमें शामिल लोगों पर भी सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, मामले में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और पुलिस प्रशासन पर निष्पक्ष जांच का दबाव बना हुआ है।
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