अम्बेडकरनगर में डॉक्टरों के आधे पद खाली:स्वास्थ्य सेवाओं पर असर, सीएमओ बोले- मरीजों को दिया जा रहा बेहतर इलाज




अम्बेडकरनगर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। यहां चिकित्सकों के स्वीकृत पदों में से लगभग आधे पद खाली पड़े हैं, जिसके कारण मरीजों को बेहतर इलाज मिलने में बाधा आ रही है। जिले में कुल 166 चिकित्सकों के पद सृजित हैं, लेकिन वर्तमान में केवल 89 पदों पर ही डॉक्टर तैनात हैं। डॉक्टरों की यह भारी कमी जिले के एक मेडिकल कॉलेज, एक जिला अस्पताल, 11 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), 29 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और पांच शहरी पीएचसी सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं में मरीजों के इलाज को प्रभावित कर रही है। चिकित्सकों की इस कमी के कारण मरीजों को अक्सर पर्याप्त और समय पर उपचार नहीं मिल पाता है। यह स्थिति सीधे तौर पर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा करती है, खासकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में। केवल डॉक्टरों की ही नहीं, बल्कि अन्य सहायक स्टाफ की भी कमी है। उदाहरण के लिए, एक्सरे टेक्नीशियन के 12 स्वीकृत पदों में से केवल 8 पर ही तैनाती है। इसी तरह, स्टाफ नर्स के 71 पदों के मुकाबले 55 नर्सें कार्यरत हैं। हालांकि, हाल ही में हुई नई भर्तियों के कारण स्टाफ नर्सों की संख्या में कुछ वृद्धि हुई है, लेकिन समग्र रूप से स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. संजय कुमार सैवाल ने बताया कि डॉक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए विभाग को पत्राचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जितने डॉक्टर उपलब्ध हैं, उनके द्वारा मरीजों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है।



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