'आधुनिक तकनीक और शोध से मजबूत हो रही चिकित्सा पद्धति':इंदौर में होम्योपैथी दिवस पर बोले विशेषज्ञ; अनुसंधान आधारित चिकित्सा पर दिया जोर




होम्योपैथी मेडिकल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (HMAI) की इंदौर शाखा ने विश्व होम्योपैथी दिवस पर एक कार्यक्रम आयोजित किया। आयोजन में होम्योपैथी के प्रति बढ़ते विश्वास, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान आधारित चिकित्सा और समंवित (इंटीग्रेटेड) हेल्थकेयर सिस्टम पर विशेष जोर दिया है। कार्यक्रम में वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक, युवा डॉक्टर, छात्र-छात्राएं एवं समाजसेवी उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि डॉ. वैभव चतुर्वेदी ने बताया कि कोविड-19 महामारी के दौरान हमने होम्योपैथिक औषधि आर्सेनिक एल्बम का सेवन किया और संक्रमित नहीं हुए। होम्योपैथी और एलोपैथी को साथ लेकर चलने से रोगों का बेहतर और शीघ्र उपचार संभव है। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में डिग्री के साथ रिसर्च, जागरूकता और वैज्ञानिक डेटा के महत्व पर बल दिया। रील लाइफ से बाहर निकलकर पुस्तकों से जुड़े युवा विशिष्ट अतिथि डॉ. एसपी सिंह ने ऑक्सीलरी और इंटिग्रेटेड ट्रीटमेंट सिस्टम की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी जटिल बीमारियों में होम्योपैथी को सहायक और समन्वित चिकित्सा के रूप में अपनाया जा रहा है। डॉ. वैशाली वैकर ने कहा कि मैंने बचपन से फेरमफोस और कैल्केरिज फोस जैसी औषधियों का लाभ लिया है। होम्योपैथी न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक और मनोवैज्ञानिक रूप से भी व्यक्ति को सशक्त बनाती है। युवाओं को रील लाइफ से बाहर निकलकर पुस्तकों से जुड़कर ज्ञान अर्जित करना चाहिए। स्पाइन सर्जरी से बचाव पर सलाह डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन ने कहा कि जहां तक संभव हो, स्पाइन (रीढ़) का ऑपरेशन कराने से बचना चाहिए। कई मामलों में होम्योपैथिक उपचार एवं उचित जीवनशैली से बिना सर्जरी के भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने ब्रेन ट्यूमर एवं हाई क्रिएटिनिन के सफल उपचार के केस पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से प्रस्तुत किए। 2014 के बाद मिली नई दिशा डॉ. एके द्विवेदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद भारत में होम्योपैथी को नई गति और दिशा मिली है। केंद्र सरकार द्वारा आयुष पद्धतियों को दिए गए प्रोत्साहन और नीतिगत समर्थन से इस प्रणाली को मजबूती मिली है। कोविड-19 के दौरान सकारात्मक परिणामों के बाद लोगों का विश्वास होम्योपैथी के प्रति बढ़ा है और अब इसे प्रभावी एवं विश्वसनीय चिकित्सा पद्धति के रूप में अपनाया जा रहा है। संचालन दीपाली पांचाल ने किया। स्वागत विनय पांडेय और आभार दीपक उपाध्याय ने माना। समाज सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जूनियर होम्योपैथिक चिकित्सकों एवं स्काउट-गाइड सदस्यों को गोल्ड मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।



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