रायसेन | तहसील उदयपुरा और देवरी में राजस्व व्यवस्थाएं गंभीर संकट से गुजर रही हैं। दोनों तहसीलों में राजस्व निरीक्षक के तीन-तीन पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में केवल एक निरीक्षक राजेंद्र सोनी ही पदस्थ हैं, जिनके पास दोनों क्षेत्रों का प्रभार है। इस कारण सीमांकन और कब्जा दिलाने जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में लगातार विलंब हो रहा है। स्थिति यह भी है कि उदयपुरा तहसील में पहले उपलब्ध शासकीय ईटीएस मशीन खराब हो चुकी है। इसके बाद से सीमांकन कार्य निजी मशीनों के सहारे किया जा रहा है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। सीमांकन में देरी के कारण भूमि विवाद लंबे समय तक बने रहते हैं और कई बार यह गंभीर झगड़ों का रूप ले लेते हैं, जिससे जन-धन हानि की आशंका बढ़ जाती है। भूमि विवादों में पुलिस भी कार्रवाई से बचती है और मामला तहसील पर ही छोड़ दिया जाता है, जिससे एक निरीक्षक पर कार्य का दबाव और बढ़ जाता है। ऐसे में त्वरित समाधान संभव नहीं हो पाता। -आशीष कुमार बिरथरिया, उदयपुरा।
Source link