नमस्कार खेल मंत्रीजी ने जनता के बीच बैठकर अंताक्षरी खेली। बारां में विधायकजी ने जिला हॉस्पिटल के दौरे के दौरान CMHO को ‘सुविधाओं’ का उपयोग कराने की धमकी दी। जयपुर में यूथ कांग्रेस के चुनाव को लेकर कैंडिडेट ने डांस का प्रोग्राम करा दिया और झुंझुनूं के ‘योद्धा’ ने मैदान जीत लिया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. खेल मंत्रीजी ने खेली ‘अंताक्षरी’ बैठे-ठाले क्या करें, करना है कुछ काम, शुरू करो अंताक्षरी ले के ‘कर्नल’ का नाम.. कर्नल का नाम लिया गया तो खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ खुलकर हंसे। मंत्रीजी अपने विधानसभा क्षेत्र में जनता के बीच थे। मौका पाकर चाय की एक दुकान पर महफिल जम गई। दुकान की सीढ़ियों पर मंत्रीजी और पब्लिक। अब बैठकर क्या करें? सुझाव आया कि चलो अंताक्षरी खेलते हैं। अंताक्षरी शुरू हो गई। मंत्रीजी ने ‘म’ से गाने का आदेश दिया। ताली बजाकर गाने वालों का हौसला बढ़ाया। महिलाओं का जोश देखने लायक। गीतों का कारवां ‘रामजी की लीला है न्यारी’ तक पहुंच गया। 2. MLA ने CMHO को दी धमकी-टॉयलेट कराऊंगा विधायकजी कई दिनों से चर्चा में नहीं थे। उन्हें ध्यान आया कि अरसे से हॉस्पिटल की सुध नहीं ली है। वे जिला हॉस्पिटल पहुंच गए। उन्हें हैरानी हुई कि हॉस्पिटल की क्या दशा है। जगह-जगह गंदगी। उन्हें बेहद गुस्सा आ रहा था। कुछ लोग हाथ में मोबाइल लेकर मुस्तैद थे। विधायकजी की हर भाव-भंगिमा शूट की जा रही थी। विधायकजी ने हॉस्पिटल का हर कोना खंगाला। हर जगह कमियां-खामियां। सीएमएचओ साहब हाथ में डायरी थामे पीछे-पीछे चल रहे थे। बेडशीट्स पर मैल चिकट रहा था। बाथरूम गंदे। वार्डों में हवा पानी का ठीक बंदोबस्त नहीं। विधायक साहब सीएमएचओ पर चिल्लाए- टॉयलेट की क्या हालत कर रखी है? कोई भी बदबू से बेहोश हो सकता है। अभी इसमें घुसाकर टॉयलेट कराऊंगा आपको। सीएमएचओ साहब की हालत उस मरीज जैसी जो डिस्चार्ज होना चाहता है, लेकिन डॉक्टर जाने नहीं दे रहे। निरीक्षण के बाद सीएमएचओ की जान में जान आई। बोले-अब ठेकेदारों का इलाज करेंगे। 3. यूथ कांग्रेस चुनाव और जोश का माहौल आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने उत्साह नामक निबंध में कहा था-साहसपूर्ण आनंद की उमंग का नाम है उत्साह। यूथ कांग्रेस के चुनाव को लेकर कैंडिडेट में साहसपूर्ण आनंद है। उमंग की लहर चल रही है। कुल मिलाकर उत्साह का माहौल है। जयपुर में एक कैंडिडेट ने अपने जन्मदिन को यूथ-दिवस में तब्दील कर दिया। लाइट-साउंड की चमक-दमक। यूथ समूह उमड़ पड़ा। डांस पार्टियां नाचने गाने का इंतजार कर रही थीं। यूथ समुच्च बेताब था। ऐसे उत्साहपूर्ण माहौल में पूर्व छात्र नेता ने कैंडिडेट को समर्थन देने का ऐलान किया। फिर युवाओं से बोले-चुनाव तक जोश बनाए रखना। फिर चुनाव तक जोश बनाए रखने के लिए डांसर्स को स्टेज पर उतार दिया गया। नृत्य का वाकई सकारात्मक असर दिखा। हर स्टेप पर युवाओं का जोश आसमान छूने लगा। आचार्य रामचंद्र शुक्ल ने सही कहा था- कर्म सौंदर्य के उपासक ही सच्चे उत्साही कहलाते हैं। 4. चलते-चलते.. कोलकाता के ईडन गार्डन में मुकुल चौधरी नाम का तूफान आया। इस तूफान में जीत के लिए आश्वस्त दिख रही कोलकाता की टीम टीन-टप्पर के साथ उड़ गई। 21-22 की उम्र में लड़के ने ऐसी पारी खेली जिसका जिक्र हर कोई करने लगा। बड़े-बड़े महारथियों के आउट होने के बाद असंभव सी पारी खेलकर मुकुल ने लखनऊ को जिता दिया। मैच के बाद पुरस्कार वितरण के दौरान उद्घोषक ने मुकुल से कहा- सुना है आपके गांव झुंझुनूं से ज्यादातर लोग आर्मी में जाते हैं। आज तो आप जवान की तरह खेले। लड़के ने ‘जैसा सवाल-वैसा जवाब’ दिया। कहा- लड़ाई तो हमारे खून में है। मैंने जो काम क्रिकेट के मैदान में किया, वही काम हमारे जवान सीमा पर करते हैं। वाह चौधरी साहब। दिल जीत लिया। लड़ने का जज्बा दिखाकर झुंझुनूं और शेखावाटी का सिर शान से ऊंचा कर दिया। बता दिया कि क्यों शेखावाटी को वीरों की धरती कहते हैं। इनपुट सहयोग- शुभम निमोदिया (बारां)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी।
Source link