कानपुर कैंट स्थित जैन दादाबाड़ी में शनिवार को 21वें प्रतिष्ठा वर्षगांठ महोत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जॉइंट पुलिस कमिश्नर विपिन टाडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और उन्होंने शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दादाबाड़ी उत्तर भारत की प्रमुख दादाबाड़ियों में से एक है। यहां युगप्रधान जिनदत्त सूरी, मणिधारी जिनचन्द्र सूरी, प्रभावक जिनकुशल सूरी और अकबर प्रतिबोधक जिनचन्द्र सूरी सहित चारों दादा गुरुदेव की भव्य प्रतिमाएं विराजमान हैं। महोत्सव के तहत दादाबाड़ी समिति द्वारा शनिवार सुबह 11 बजे टाइनी टॉट स्कूल के सामने से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों, शहनाई, सजे-धजे घोड़ों और ध्वज-पताकाओं के साथ निकली इस यात्रा में सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं ने मंगल गीत गाए, वहीं महिला मंडल के सदस्यों ने डांडिया और घूमर नृत्य प्रस्तुत किए। फूलों से सजी स्वर्ण पालकी में दादा गुरुदेव की प्रतिमा विराजमान थी, जिसके साथ श्रद्धालु धूप-दीप और चंवर डुलाते हुए पूजा-अर्चना कर रहे थे। शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया और पुष्पवर्षा भी हुई। भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। सुबह 11:30 बजे शोभायात्रा दादाबाड़ी पहुंची, जहां राजस्थान के नागेश्वर तीर्थ से पधारे जैन विधिकारक गौरव ने अष्टाहार अभिषेक, व्रज पूजन एवं शांतिस्नात्र पूजन विधि संपन्न कराई। इसके बाद विजय मुहूर्त में ‘ओम पुण्याय-पुण्याय’ के उद्घोष के बीच ध्वजारोहण किया गया। तत्पश्चात महाप्रसाद का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद गौरव जैन, राजकुमारी बोहरा (जयपुर) एवं कुशल विचक्षण महिला मंडल, कानपुर द्वारा संगीतमय शैली में दादा गुरुदेव की भव्य पूजा की गई। कार्यक्रम में विशाल भजन संध्या का भी आयोजन हुआ, जिसमें हैदराबाद से पधारे सुप्रसिद्ध भजन सम्राट संयम नाबेड़ा ने मधुर भजनों की प्रस्तुति दी। उनके भजनों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर कानपुर सहित अन्य जिलों से सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम में दीपक जैन, सुरेश ओसवाल, अमित जैन, दीपक सेठिया, विनीत नाहटा, ऋषभ जैन, संजय भंडारी, प्रतीक जैन सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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