धार जिले में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ मालवा प्रांत ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संघ के पदाधिकारियों ने नायब तहसीलदार आशीष राठौर को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। आंदोलन की चेतावनी दी इस दौरान जिला मंत्री अमोल पाटीदार ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। गेहूं खरीदी में देरी से नाराजगी ज्ञापन में बताया गया कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तिथि बार-बार बढ़ाए जाने से किसानों में भारी नाराजगी है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। सरकार किसानों की आय बढ़ाने की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं कमजोर नजर आ रही हैं। ड्यू डेट नहीं बढ़ने से बढ़ी परेशानी किसानों ने बताया कि सहकारी बैंकों द्वारा सेवा सहकारी संस्थाओं की ड्यू डेट 28 मार्च के बाद नहीं बढ़ाई गई, जबकि गेहूं खरीदी की अंतिम तिथि 10 अप्रैल कर दी गई। इससे करीब 60 प्रतिशत किसान डिफॉल्टर हो गए हैं और उन पर 7 प्रतिशत ब्याज व 14 प्रतिशत दंड लगाया जा रहा है, जिससे आर्थिक बोझ बढ़ गया है। संघ ने पराली जलाने पर किसानों के खिलाफ दर्ज हो रही एफआईआर का विरोध करते हुए इसे अन्यायपूर्ण बताया। साथ ही बंपर उत्पादन के अनुसार 11 क्विंटल प्रति बीघा समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित करने, बारदान की कमी दूर करने, मूंग खरीदी पंजीयन जल्द शुरू करने और बड़े तोलकांटों पर पारदर्शी खरीदी की मांग की। अंत में संघ ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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