पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा है कि पीएम मोदी ने चुनावों के वक्त किया वादा नहीं निभाया। प्रधानमंत्री ने विधानसभा चुनाव के दौरान चित्तौड़गढ़ में राजस्थान के लोगों से वादा किया था कि वे कांग्रेस सरकार की एक भी योजना को बंद नहीं करेंगे। प्रधानमंत्री ने मेरा नाम लेकर कहा था कि राजस्थान के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि सरकार बदली तो योजनाएं बंद हो जाएंगी लेकिन मैं राजस्थान की जनता को विश्वास देना चाहता हूं कि राजस्थान में एक भी योजना बंद नहीं होगी। हकीकत इससे अलग है। गहलोत ने कहा- अब मैं बार-बार प्रधानमंत्री का ध्यान आकर्षित कर रहा हूं कि वो अपने मुख्यमंत्री को कह नहीं पा रहे हैं या मुख्यमंत्री के हाथ में नहीं है। प्रधानमंत्री ने चुनाव जीतने के लिए राजस्थान की जनता से वादा किया था लेकिन अब वो अपने वादे पर अटल नहीं है। दुर्भाग्य है कि हमारी सरकार के समय चल रहे कई प्रोजेक्ट्स को बंद कर दिया गया। कई योजनाओं के नाम बदल दिए गए हैं। गहलोत जयपुर में महात्मा ज्योतिबा फुले को श्रद्धांजिल देने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे। लोगों को पेंशन नहीं मिल रही है, इलाज नहीं हो रहा गहलोत ने कहा- हमारे वक्त के काम अधूरे हैं, इंतजार शास्त्र भी हमने इसीलिए शुरू किया है कि हमारे पास पक्का प्रूफ है कि यही सरकार का आईना है। आज लोगों को पेंशन नहीं मिल रही है, इलाज नहीं हो रहा है। राजस्थान की जनता दुखी है। आज के दिन राज्य सरकार को संकल्प लेना चाहिए कि वो सोशल सिक्योरिटी पर ध्यान दें, यही ज्योतिबा फुले को उनकी सच्ची श्रद्धांजलि होगी। आज गरीब को गणेश मानकर राजनीति करने का वक्त है गहलोत ने कहा— महात्मा ज्योतिबा फूल और सावित्रीबाई फुले ने समाज सुधार के लिए कई बड़े काम किए थे, पूरे देश ने उनका लोहा माना है। 199 साल पहले उन्होंने ऐसा कदम उठाया था जिसे आज लोग स्वीकार कर रहे हैं। सावित्रीबाई फुले पर कई अत्याचार हुए लेकिन वो घबराई नहीं। भीमराव अंबेडकर ज्योतिबा फुले को अपना गुरु मानते थे। आज का समय गरीब को गणेश मानकर राजनीति करने का है। हर सरकार को सोशल सिक्योरिटी पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि अमीर और गरीब के बीच खाई बढ़ती जा रही है। लोगों को दो वक्त की रोटी भी नहीं मिल रही है। सरकार कोई काम नहीं कर रही गहलोत ने कहा- यह सरकार कोई काम नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री केवल दौरे करने में व्यस्त है, उनके दौर चल रहे हैं तो वो काम कब करेंगे? मुख्यमंत्री को सरकार का आकलन करना चाहिए। प्रदेश की जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है, सीएम इस बात को नहीं समझेंगे तो तकलीफ पाएंगे।
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