सीकर की खाटूश्यामजी पुलिस और डीएसटी टीम ने वाहन चोरी गैंग के मास्टरमाइंड सहित चार लोगों को पकड़ा है। गैंग के मास्टरमाइंड पर चोरी सहित अन्य धाराओं में 43 मुकदमे है। मास्टरमाइंड पिछले करीब 20 साल से चोरियां कर रहा है। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर कई वाहन भी बरामद किए हैं। आज सीकर एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके खुलासा किया। एसपी प्रवीण नायक नूनावत ने बताया कि मामले में मास्टरमाइंड रामवतार उर्फ नारियल (39) पुत्र दयालराम जाट,लालचंद जाट (23) पुत्र सुवालाल जाट,प्रह्लाद सहाय (38) पुत्र लक्ष्मीनारायण,राहुल कुमार (24) पुत्र ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया है। इनमें मास्टरमाइंड रामावतार और लालचंद तो गढकनेत के रहने वाले हैं जबकि प्रहलाद और राहुल रेनवाल एरिया के रहने वाले हैं। इनकी निशानदेही पर एक ट्रैक्टर,एक बोलेरो, एक पिकअप और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। मास्टरमाइंड रामवतार पर पूर्व में चोरी सहित अन्य धाराओं में 43,लालचंद पर 2, प्रह्लाद सहाय पर 4 और राहुल कुमार पर 3 मुकदमे दर्ज हैं। मास्टरमाइंड रामावतार करीब 2006 से चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है। हाल ही में 23 मार्च की रात को करीब 2:30 बजे के लगभग खाटूश्यामजी उपजिला अस्पताल से लैब टेक्नीशियन रामचंद्र बाजिया की बोलेरो गाड़ी चोरी हुई थी। इससे पहले भी खाटूश्यामजी और आसपास के एरिया में कई गाड़ियां चोरी हो चुकी थी। ऐसे में डीएसटी टीम और पुलिस ने आरोपियों का पीछा करना शुरू किया। लगातार पुलिस के पीछे पड़े रहने के चलते आरोपियों ने भैरूजी मोड़ के पास गाड़ी को लावारिस हालत में छोड़ दिया। हालांकि पुलिस लगातार आरोपियों के पीछे लगी रही। इसके बाद आरोपियों के गांवों के नजदीक से ही आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों ने खाटूश्यामजी से 4 और दांतारामगढ़ एरिया में 1 वाहन चोरी करने की वारदात कबूली है। पुलिस के मुताबिक मास्टरमाइंड रामवतार मार्च 2006 से लगातार चोरी की वारदात करता आ रहा है। कभी बाइक तो कभी फोरव्हीलर गाड़ियों की चोरी करता। ज्यादातर मामलों में पुलिस ने उसे पकड़ा लेकिन जैसे ही कोर्ट से जमानत मिलती तो आरोपी फिर कोई वारदात करता और जेल चला जाता। 2009 से लेकर 2015 के बीच उसने वारदात कम की। इस दौरान वह फाइनेंस पर निकले वाहनों को खरीदता। मालिकों को कहता कि वह वाहनों की किश्त दे देगा। लेकिन किश्त नहीं चुकाता और गाड़ियों को सस्ते दामों में बेच देता। आरोपी ने ज्यादातर गाड़ियों को हरियाणा में बेचा। इस पूरी गैंग को पकड़ने में SHO खाटूश्यामजी पवन कुमार चौबे,डीएसटी के इंचार्ज कैलाशचंद,विरेंद्र की मॉनिटरिंग रही। हैड कांस्टेबल मुकेश रींगस,कांस्टेबल राजेंद्र खाटूश्यामजी,डीएसटी के कांस्टेबल सुभाष का स्पेशल रोल रहा। टीम में कांस्टेबल हरीश सहित अन्य लोग शामिल रहे।
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