गैस वितरण में लापरवाही पर संचालक को नोटिस:कलेक्टर ने 7 दिन में मांगा जवाब; होम डिलीवरी नहीं मिलने पर प्रशासन सख्त




सीधी जिले में उपभोक्ताओं को रसोई गैस वितरण में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने प्रताप गैस सर्विस के संचालक भारतलाल सिंह को रविवार रात 8 बजे कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस सोमवार सुबह 9 बजे संचालक को थमा दिया गया। यह कार्रवाई खाद्य विभाग की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें एजेंसी संचालन में गंभीर खामियां सामने आई हैं। गैस एजेंसी में भीड़, होम डिलीवरी नहीं मिली खाद्य विभाग की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसी परिसर में उपभोक्ताओं की अत्यधिक भीड़ पाई गई। इसके साथ ही सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु रूप से की जाए और प्राथमिकता के आधार पर उपभोक्ताओं तक घर-घर वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। गैस एजेंसी को 7 दिन में जवाब देने का नोटिस निरीक्षण में पाई गई यह स्थिति शासन के निर्देशों के विपरीत मानी गई है। प्रशासन ने इसे द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 का उल्लंघन माना है। साथ ही यह कृत्य आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत भी दंडनीय श्रेणी में आता है, जिसके तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। कलेक्टर ने संबंधित गैस एजेंसी संचालक को निर्देशित किया है कि वे 7 दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई से गैस एजेंसियों में हड़कंप, जांच के संकेत प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अन्य गैस एजेंसी संचालकों में भी हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर व्यापक जांच अभियान चलाया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त नियंत्रण स्थापित किया जा सके।



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