गोंडा में चार दिन पहले रंजीत तिवारी की मौत के मामले में मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ द्वारा पांच बिजली कर्मचारियों पर की गई कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस फैसले के बाद बिजली कर्मचारी संगठनों में नाराजगी है और आंदोलन की तैयारी की जा रही है। राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष और भारतीय मजदूर संघ गोंडा के जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि लाइनमैन के पास लाइन शिफ्टिंग का अधिकार नहीं होता, ऐसे में उन पर कार्रवाई गलत है। सब-स्टेशन ऑपरेटर और तकनीशियन पर भी कार्रवाई कार्रवाई के तहत लाइनमैन दिनेश यादव और तकनीशियन अभिषेक रंजन को निलंबित किया गया है, जबकि संविदा कर्मचारी अशोक विश्वकर्मा का तबादला किया गया है। वहीं अवर अभियंता कुलदीप यादव और उपखंड अधिकारी भरत सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। बजट के बावजूद नहीं हटाई गई हाईटेंशन लाइन जानकारी के मुताबिक वर्ष 2025 में बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राथमिक विद्यालय पथवलिया के ऊपर से गुजर रही 11 केवीए हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए बिजली विभाग को बजट उपलब्ध कराया था। इसके बावजूद लाइन शिफ्ट नहीं की गई और चार दिन पहले तार टूटने से रंजीत तिवारी की मौत हो गई। पत्नी ने बड़े अधिकारियों पर मांगी कार्रवाई मृतक रंजीत तिवारी की पत्नी पूजा तिवारी ने भी आरोप लगाया है कि विभाग के बड़े अधिकारियों की लापरवाही से यह हादसा हुआ। उन्होंने प्रदेश सरकार से जिम्मेदार उच्च अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। आंदोलन की तैयारी में कर्मचारी संगठन इधर, कर्मचारियों पर कार्रवाई के बाद संगठनों ने इसे एकतरफा बताते हुए विरोध तेज करने और आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि जिम्मेदारी तय किए बिना छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
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