उदयपुर की मावली एडीजे कोर्ट ने हत्या मामले में एक आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 60 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। पीठासीन अधिकारी राहुल चौधरी ने सोमवार को आरोपी नारायण सिंह पिता हमेर सिंह निवासी गांव मरतड़ी मावली को ये सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी नारायण के सह आरोपी गमेरसिंह, योगेश्वर, रोहित और भूपेन्द्र सालवी को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में बतौर गवाह बने बाघसिंह की गोली मारकर हत्या की थी। 72 दस्तावेज पेश, 40 गवाहों के बयान कराए सुनवाई में 72 दस्तावेज पेश किए। 40 गवाहों के बयान कराए। एफएसएल रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान में इस तरह के अपराधों में बढ़ोत्तरी हुई है। ऐसे अपराध जघन्य अपराध की श्रेणी में आते हैं। इस प्रकरण में आरोपी नारायण सिंह ने फटाफट से मृतक बाघसिंह को 3 गोली मारी। जो बाघसिंह को सीने में लगी थी। जिससे उसकी मौत हो गई थी। गवाह बनने के बाद से ही रच रहा था हत्या की साजिश
मावली के अपर लोक अभियोजक दिनेश पालीवाल ने बताया कि प्राथी मावली स्थित बडियार में शराब की दुकान के सेल्समैन दिनेश सिंह पिता हरीसिंह राजपूत ने 19 जुलाई 2014 को थाने में रिपोर्ट दी थी। बताया कि शाम 4 बजे 5 युवक दो बाइक पर आए। दुकान से शराब लेकर पी रहे थे। आधा घंटे बाद बाघसिंह और पन्नालाल भी बाइक से वहां आ गए। जहां पहले से मौजूद नारायणसिह ने रिवाल्वर से गोली मारकर बाघसिंह की हत्या कर दी। पन्नालाल जान बचाकर भाग गया। नारायणसिंह व उसके साथी भी फरार हो गए थे। इस एफआईआर पर पुलिस थाना मावली ने जांच करते हुए पाया कि नारायणसिंह बाघसिंह से रंजिश रखता था। क्योंकि नारायणसिंह द्वारा वर्ष 2010 में अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में बाघसिंह बतौर गवाह था। इस वजह से हत्या के बाद से ही वह बाघसिंह की हत्या की साजिश रच रहा था। मौका देखकर उसने रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी।
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