घाटा-बंबोरा के प्राचीन हनुमान मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब:रागिनी प्रतियोगिता ने मेले को बनाया भव्य, रक्तदान शिविर का भी हुआ आयोजन




अरावली पर्वत श्रृंखलाओं के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-25 पर स्थित प्राचीन घाटा-बंबोरा हनुमान मंदिर मंगलवार को फिर श्रद्धा और आस्था का केंद्र बन गया। मेले में राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मेला सोमवार को रामायण पाठ और भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। मंगलवार को प्रातः रामायण पाठ के समापन के बाद हवन और मेला उद्घाटन किया गया। शाम को कुश्ती दंगल आयोजित हुआ। मंदिर परिसर दिनभर “जय श्री राम” और “बजरंगबली की जय” के जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्राचीन मंदिर में सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस धार्मिक स्थल पर भक्तों को विशेष शांति का अनुभव होता है, यही कारण है कि वर्षभर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। भक्ति और मनोरंजन की संपूर्ण विविधता मेले के दौरान भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कुश्ती दंगल में दूर-दराज से आए पहलवानों ने अपने दमखम का प्रदर्शन कर दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। रागिनी प्रतियोगिता में कलाकारों ने हनुमानजी की महिमा का गुणगान कर माहौल को भक्तिमय बना दिया। रक्तदान शिविर ने पेश किया सेवा का संदेश नवजीवन फाउंडेशन के संस्थापक समाजसेवी वीरेंद्र चौधरी (थद्दा) के नेतृत्व में आयोजित रक्तदान शिविर मेला का विशेष आकर्षण रहा। शिविर में युवाओं और महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वीरेंद्र चौधरी (थद्दा) ने बताया कि यह उनका 10वां रक्तदान शिविर है। शिविर में कुल 196 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया, जो मानवीय सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण बना। ध्वजा यात्रा और झांकियों ने किया मंत्रमुग्ध मेले से एक दिन पूर्व निकाली गई शोभायात्रा में राम दरबार, राधा-कृष्ण, भोलेनाथ, बाबा श्याम और बजरंगबली की सजीव झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। श्रद्धालु पैदल ध्वजा लेकर मंदिर पहुंचे और हनुमानजी को अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर के महंत श्याम सुंदरदास के अनुसार, यह लक्खी मेला क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रतीक है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु शामिल होकर हनुमान भक्ति में लीन हो जाते हैं।



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