जकारिया परिवार के पास 200 साल पुरानी 'खुशबू':जौनपुर में 1805 में शुरू हुआ था बिजनेस, 7वीं पीढ़ी संभाल रही इत्र कारोबार




जौनपुर का पारंपरिक इत्र उद्योग सदियों से अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। जकारिया परिवार 200 से अधिक वर्षों से इस विरासत को संजोए हुए है, जिसकी सातवीं पीढ़ी अब इसे आगे बढ़ा रही है। उनका यह कारोबार वर्ष 1805 में शुरू हुआ था और आज भी अपनी शुद्धता व गुणवत्ता के कारण देश-विदेश में मशहूर है। वर्तमान में मोहम्मद मुस्तफा जकारिया इस अनूठे व्यवसाय की बागडोर संभाले हुए हैं। दैनिक भास्कर से बात करते हुए उन्होंने बताया कि यह सिर्फ उनका काम नहीं, बल्कि उनकी पहचान है। मुस्तफा जकारिया के अनुसार, उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक शहर जौनपुर अपनी तहजीब और संस्कृति के लिए जाना जाता है। यहां का बना इत्र देश के साथ-साथ विदेशों में बसे लोग भी पसंद करते हैं। इत्र बनाने में समय और बहुत मेहनत लगती है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया भी इस कारोबार को बढ़ावा देने में काफी सहयोगी है। ग्राहकों की मांग पर इत्र तत्काल उनके सामने बनाया जाता है, जिसके बाद उन्हें दिया जाता है।जकारिया परिवार ने सरकार से मांग की है कि जैसे अन्य उद्योगों को बढ़ावा दिया जाता है, वैसे ही इत्र उद्योग को भी प्रोत्साहन मिले ताकि वे इस कारोबार में और सक्रिय हो सकें। यह परिवार देसी तरीके से फूलों और प्राकृतिक तत्वों से इत्र तैयार करता रहा है। गुलाब, केवड़ा, चमेली और खस जैसे फूलों की खुशबू को सावधानीपूर्वक आसवन (डिस्टिलेशन) प्रक्रिया के जरिए इत्र में बदला जाता है। आज भी इस परिवार के इत्र बनाने की प्रक्रिया में आधुनिक मशीनों की जगह पारंपरिक तरीकों को प्राथमिकता दी जाती है। यही कारण है कि जौनपुर का यह इत्र अपनी प्राकृतिक खुशबू और लंबे समय तक टिकने के लिए जाना जाता है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *