डूंगरपुर जिले के 19 सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों को विधिक साक्षरता और जागरूकता का संदेश दिया गया।
इस दौरान न्यायाधीशों ने शिक्षक बनकर बच्चों को कानून का पाठ पढ़ाया। मुख्य रूप से साइबर अपराधों, मोबाइल और सोशल साइट्स के दुरुपयोग से बचने के तरीके बताए गए। जागरूक रहने की सलाह
शहर के महारावल सीनियर स्कूल में जिला न्यायाधीश दीपा गुर्जर ने छात्रों को साइबर अपराधों से बचने के लिए जागरूक रहने की सलाह दी।
लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण न्यायालय के विशिष्ट न्यायाधीश मोहम्मद आरिफ ने राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल बिलड़ी में ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीके समझाए। बेटियों की सुरक्षा और जागरूकता पर चर्चा
पारिवारिक न्यायालय की न्यायाधीश नीतू आर्य ने देवेंद्र गर्ल्स स्कूल में बेटियों की सुरक्षा और जागरूकता पर बात की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव मनोज मीणा ने स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल में फ्रॉड कॉल से बचने के लिए जागरूक रहने की सीख दी।
अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल बलवाड़ा में सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग के प्रति छात्रों को सचेत किया। स्कूलों में ‘कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी’ स्थापित की
इस एक दिवसीय कार्यक्रम में कुल 19 स्कूलों में न्यायाधीशों और विधिक जागरूकता से जुड़े अधिकारियों ने बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया। न्यायाधीशों ने बच्चों की समस्याओं को भी सुना।
स्कूलों में ‘कोर्ट वाली दीदी शिकायत पेटी’ स्थापित की गई है, जिसमें बच्चे अपनी समस्याएं लिखकर डाल सकेंगे। इन शिकायतों पर न्यायाधीश विचार करेंगे और समाधान के प्रयास किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, स्कूलों में जूनियर लीगल लिटरेसी क्लब की स्थापना भी की जाएगी।
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