जबलपुर में 5 घंटे तालाब में छिपा रहा चोर:400 से ज्यादा चोरी, कई राज्यों की पुलिस को तलाश; आठ साल पुराने फोटो हुई पहचान




मंगलवार शाम खितौला रेलवे स्टेशन के पास एक शातिर चोर ने पुलिस को चकमा देने के लिए तालाब में छलांग लगा दी और करीब 5 घंटे तक पानी के अंदर छिपा रहा। आखिरकार पुलिस और गोताखोरों की टीम ने उसे बाहर निकाल लिया। घटना रीवा-इतवारी ट्रेन की है, जिसमें एसी कोच में सफर कर रही एक महिला का पर्स छीनने की कोशिश की गई। हालांकि आरोपी सफल नहीं हो पाया, लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवानों की नजर में आ गया। जैसे ही ट्रेन सिहोरा स्टेशन के पास पहुंची, आरोपी ट्रेन से उतरकर भागने लगा। RPF के जवानों ने उसका पीछा किया तो वह खितौला स्टेशन के पास एक तालाब में कूद गया। कास्टेबल आशीष यादव और विनय मौर्य ने उसका पीछा किया तो स्टेशन से करीब आधा किलोमीटर दूर तालाब के अंदर पानी में जाकर छिप गया। तालाब पूरी तरह से काई से भरा पड़ा था, जहां कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। काफी देर तक दोनों आरपीएफ आरक्षक उसे तालाश करते रहे, पर जब वह नहीं मिला तो आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब को सूचना दी गई। खितौला थाना पुलिस की मदद से आरपीएफ ने चोर को पकड़ा, और फिर उसे जबलपुर लाया गया। कमल-नाल के सहारे लेता रहा ऑक्सीजन, 5 घंटे बाद निकाला बाहर टीआई रमन सिंह मरकाम के मुताबिक तालाब शैवाल (काई) से भरा था, जिससे आरोपी दिखाई नहीं दे रहा था। पुलिस को चकमा देने के लिए वह कमल-नाल (डंठल) के सहारे पानी के अंदर से सांस लेता रहा। करीब एक घंटे बाद RPF ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। खितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद आरोपी को तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद उसे RPF के हवाले कर दिया गया। 400 से ज्यादा चोरी, कई राज्यों में वांटेड जबलपुर लाए जाने के बाद शातिर चोर हरविंदर सिंह लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। पूछताछ के दौरान वह बार-बार अपना नाम और पता बदलता रहा कभी खुद को बब्लू बताता, तो कभी चंडीगढ़ का रहने वाला कहता। लेकिन रेलवे सुरक्षा बल (RPF) थाना प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि 2018 में कोटा रेलवे इंटेलिजेंस में पदस्थ रहने के दौरान एक अंग्रेजी अखबार में हरविंदर की फोटो देखी थी, जिसे उन्होंने मोबाइल में सेव कर रखा था। जैसे ही उन्होंने आरोपी से कहा “सन्नी, तू फंस गया अब…”, यह सुनते ही हरविंदर सन्न रह गया और उसकी असलियत सामने आ गई। पूछताछ में आरोपी की पहचान हरविंदर सिंह (32), निवासी बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। वह देशभर में 400 से ज्यादा चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुका है और कई राज्यों की पुलिस उसे तलाश रही थी। हरविंदर को जीआरपी भोपाल, इटारसी, उज्जैन, इगतपुरी, विशाखापट्टनम एवं गुडीवाड़ा, राजगढ़ पुलिस, वालचंद नगर (पुणे) पुलिए, एमआईडीसी (मुंबई) पुलिस कई महीनों से तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में केस दर्ज हैं। ऐसे करता था वारदात 32 साल की उम्र में हरविंदर सिंह 400 से अधिक चोरी कर चुका है। यह राशि करोड़ों में है। हरविंदर चोरी के लिए हमेशा एसी कोच को निशाना बनाता था। पहले यह सामान्य यात्री की तरह टिकट लेकर चला करता था, पर जबसे ट्रेनों में कैमरे लगे और ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था हुई तो इसने टिकट लेना बंद कर दिया। ट्रेन में चढ़ते ही इसकी नजर टीसी पर रहती थी। जैसे ही इसके कोच में टीसी आता तो यह बाथरुम में जाकर छिप जाता था, और उसके जाते ही यह कोच में सफर कर रही उन महिलाओं को टारगेट करता, जो कि अकेले सफर करती थी। बताया जाता है कि पहली बार हरविंदर ने 2010-11 में यूपी बिजनौर में चोरी की थी। अभी तक करीब 400 से अधिक चोरी यह कर चुका है। अवंतिका एक्सप्रेस में भी की बड़ी वारदात सख्ती से पूछताछ में हरविंदर ने कबूल किया कि 2018 में विजयवाड़ा पुलिस ने उसे चोरी के आरोप में गिरफ्तार किया था। उस समय उसके पास से 70 लाख 38 हजार 500 रुपए के हीरे और सोने के आभूषण बरामद हुए थे। बाद में वह जमानत पर छूट गया था। जुलाई 2018 में मुंबई सेंट्रल-इंदौर अवंतिका एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री को उसने निशाना बनाया था। आरोपी ने यात्री की 32 बोर लाइसेंसी पिस्तौल, 10 जिंदा कारतूस, एक मैगजीन और 1.90 लाख रुपए नकद चोरी कर लिए थे। बाद में CCTV फुटेज से उसकी पहचान हुई थी। पार्षद भी रह चुका है आरोपी चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि हरविंदर सिंह दिसंबर 2017 में बिजनौर के हल्दौर नगर निकाय में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में वार्ड पार्षद भी चुना जा चुका है। हालांकि उसके आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी परिवार को नहीं थी।



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