जालंधर में आधे रेट पर बिक रही शराब:ठेकों के बाहर लगी कतारें, बोतलों की जगह पेटियां भरकर घर ले जा रहे हैं शौकीन




जालंधर में इन दिनों शराब के शौकीनों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। मंगलवार को शहर में आधे दाम पर शराब बिक रही है। वित्त वर्ष की समाप्ति के साथ ही शराब के शराब की कीमतों में भारी कटौती की गई है, जिसके चलते लोग भारी मात्रा में शराब की खरीद कर रहे हैं। शहर के प्रमुख चौकों और बस स्टैंड के पास स्थित ठेकों पर कतारें लगी हुई हैं और लोग बोतलों के बजाय शराब की पेटियां अपने घरों को ले जाते हुए नजर आ रहे हैं। कम कीमतों का फायदा उठाने के लिए लोग भारी स्टॉक जमा करने की होड़ में लगे हैं। सेल के बोर्ड ने लोगों को किया आकर्षित जालंधर के BSF चौक, बस स्टैंड, मॉडल टाउन जैसे प्रमुख इलाकों में शराब के ठेकों के बाहर सुबह से ही लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया है। ठेकेदारों द्वारा लगाए गए सेल के बोर्ड ने लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है। कई ब्रांड्स पर भारी डिस्काउंट दिया जा रहा है, जिससे शराब की कीमतें पिछले दिनों के मुकाबले काफी नीचे आ गई हैं।
बोतलों की जगह गत्तों (पेटियों) में बिक रही है शराब
आमतौर पर लोग एक या दो बोतल शराब खरीदते हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि लोग गत्तों में शराब का स्टॉक खरीद रहे हैं। सड़क पर चलते लोगों को दो-दो, तीन-तीन पेटियां अपनी गाड़ियो या कंधों पर उठाकर ले जाते हुए आम देखा जा सकता है। ठेका संचालकों का कहना है कि स्टॉक खत्म करने के चक्कर में कीमतें कम की गई हैं, जिसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिल रहा है।
किस ब्रॉड के कितने दाम
इंपीरियल ब्लू, रॉयल स्टैग और ओल्ड मोंक जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स अब 300 से 350 रुपए के बीच मिल रहे हैं, जबकिरॉयल चैलेंज और ऑल सीज़न्स की कीमत 400 रुपए के करीब है। प्रीमियम ब्रांड्स की बात करें तो ब्लेंडर्स प्राइड और एंटीक्विटी ब्लू 500 से 600 रुपए की रेंज में उपलब्ध हैं। वहीं, लग्जरी और इंपोर्टेड सेगमेंट में रेड लेबल 1200 रुपए, ब्लैक लेबल 2200 रुपए, और द ग्लेनलिवेट 12Y 2700 रुपए में बिक रही है। बियर के शौकीनों के लिए किंगफिशर और बडवाइज़र जैसी बोतलें मात्र 150 से 200 रुपए के बीच मिल रही हैं। इसी भारी डिस्काउंट के कारण ही ठेकों पर गत्तों में स्टॉक ले जाने वालों की इतनी भीड़ देखी जा रही है। क्यों मची है स्टॉक जमा करने की होड़? दरअसल, मार्च का महीना खत्म होने वाला है और नया वित्त वर्ष शुरू होने से पहले पुराने स्टॉक को क्लीयर करना ठेकेदारों की मजबूरी होती है। जालंधर में इस बार यह सेल काफी चर्चा में है क्योंकि रेट लिस्ट में बड़े ब्रांड्स की कीमतों में भी 30% से 50% तक की कमी देखी जा रही है। लोगों को डर है कि 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति लागू होने के बाद कीमतें फिर से बढ़ सकती हैं, इसलिए वे अभी से स्टॉक जमा करने में जुटे हैं।



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