झाबुआ जिले में गुरुवार देर शाम तेज आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। पेटलावद तहसील के नाहरपुरा गांव में छत से गिरे पत्थरों की चपेट में आने से एक बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। इस प्राकृतिक आपदा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और कई इलाकों में बिजली के खंभे उखड़ गए। नाहरपुरा निवासी राजू पिता नाथू भूरिया (60) के मकान की चद्दरें आंधी के कारण उड़ गईं। ये चद्दरें बिजली के तारों और खंभों से टकराईं। चद्दरों को रोकने के लिए उन पर रखे गए भारी पत्थर पास ही स्थित बालू पिता पूंजा मैडा के मकान के कवेलू तोड़ते हुए सीधे घर के अंदर जा गिरे। दुर्भाग्यवश, घटना के समय बालू मैडा अपने घर के भीतर खाना खा रहे थे। छत फाड़कर गिरे पत्थरों की सीधी चोट उनके सिर पर लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार के अन्य सदस्य घर में मौजूद थे, लेकिन वे सुरक्षित बच गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल पेटलावद भेजा। मृतक बालू मैडा अपने पीछे पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। इसी आंधी-तूफान का कहर उन्नाई मातापाड़ा में भी देखने को मिला, जहां रुमाल कटारा के पूरे मकान की चद्दरें उड़ गईं। स्थानीय ग्रामीणों ने प्रभावित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है। आंधी से हुई तबाही…
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