थमने का नाम नहीं ले रहा वंदे मातरम् विवाद:मालिनी गौड़ बोलीं- हम ऐसे लोगों से वोट ही नहीं मांगते, आकाश विजयवर्गीय ने कहा-ऐसे लोग देशद्रोही




इंदौर में नगर निगम बजट परिषद के दौरान शुरू हुआ वंदे मातरम् का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इंदौर में बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ ने ऐलान किया है कि वह उन जगहों पर वोट मांगने भी नहीं जाती, जहां लोग वंदे मातरम् नहीं बोलते हैं। वहीं आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो लोग वंदेमातरम नहीं बोलते वो लोग आतंकी से कम नहीं है, ये लोग देशद्रोही हैं। बीजेपी विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि जो इस देश में रहेगा, उसे “वंदे मातरम” और “भारत माता की जय” बोलना ही होगा। यह देशभक्ति से जुड़ा विषय है और इस पर कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने दिवंगत नेता लखन दादा का जिक्र करते हुए कहा कि वे भी यही कहते थे और वह स्वयं भी उसी विचारधारा पर चलती हैं। मुझे उनके वोट भी नहीं चाहिए जो वंदे मातरम् नहीं बोलते और भारत माता की जय नहीं बोलते। वहीं पूर्व मंत्री व विधायक ऊषा ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम गाना होगा, नहीं तो भारत से जाना होगा। ऐसे लोगों के वोट नहीं चाहिए मालिनी गौड़ ने कहा कि जो लोग वंदे मातरम् या भारत माता की जय बोलने से परहेज करते हैं, उनके वोट की उन्हें आवश्यकता नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे क्षेत्रों में वे चुनाव प्रचार के लिए भी नहीं जातीं। विधायक के इस बयान के बाद पहले से चल रहा वंदे मातरम् विवाद और तेज हो गया है। राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विवाद में आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि ये तो भाजपा का शासन, मोदी जी की सरकार है। आरएसएस जैसी संस्था है। वरना वंदे मातरम् पर आपत्ति लेने वाले लोग अवसर मिलने पर देश और समाज का बड़ा नुकसान कर सकते हैं। इस देश में रहना है तो वंदे मातरम् बोलना होगा इधर, राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम विवाद पर पूर्व मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि इस देश में रहना होगा तो वंदे मातरम् कहना होगा। इस्लाम इजाजत नहीं देता, तो ये इस्लामिक कंट्री तो है नहीं, भारत स्वतंत्र एक देश है जो संविधान के सिद्धांतों पर चलता है। तुम्हें गाड़ने की जो अनुमति मिली है वह भी भारत माता की असीम कृपा से ही मिली है, जिसकी गोद में आप समाहित होते हैं उसकी प्रार्थना करने से आपको परहेज है। भारत में रहना है तो वंदे मातरम् गाना होगा, नहीं तो भारत से जाना होगा। खामनेई की मौत पर छाती पीटने वाले अल्पसंख्यक वर्ग के भाई-बहन इस देश में सबसे ज्यादा सुरक्षित हैं और सबसे ज्यादा योजनाओं का फायदा उठा रहे हैं और उसके बाद इनके लोगों के भीतर इतनी राष्ट्रद्रोहिता बसी हुई है। मामले को लेकर परिवाद दायर सामाजिक कार्यकर्ता विकास अवस्थी ने एडवोकेट आकाश शर्मा के माध्यम से जिला कोर्ट में परिवाद प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया है कि संबंधित पार्षदों ने मीडिया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यह बयान दिया कि इस्लाम में ‘वंदे मातरम्’ गाना प्रतिबंधित है। शहर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका जताई गई है। ये खबर भी पढ़ें… इंदौर की पार्षद रुबीना खान का वंदे मातरम् गाते VIDEO इंदौर नगर निगम में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर सियासी विवाद में नया मोड़ आ गया है। जिस गीत को इस्लाम का हवाला देकर पार्षद रुबीना खान ने गाने से इनकार किया था, अब उसी को गाते हुए उनके दो वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो 2023-24 बजट सत्र का है, दूसरा 2026-27 का। दोनों में रुबीना वंदे मातरम् गाते और नारे लगाते दिख रही हैं।



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