प्रयागराज के नामी न्यूरोसर्जन डॉ. कार्तिकेय शर्मा पर छात्रा से छेड़खानी का सनसनीखेज आरोप लगा है। उसका आरोप है कि डॉक्टर ने उसके कपड़े उतरवाए और फिर बैडटच किया। इससे पहले चैंबर से सारे पेशेंट्स को निकालकर दरवाजे भी बंद कर लिए। वह रोते हुए बाहर निकली और बाहर मौजूद तीमारदारों और मरीजों को जानकारी दी। सिविल लाइंस पुलिस ने छात्रा की तहरीर पर डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। छात्रा को मेडिकल के लिए भेजवाया गया है। माइग्रेन की समस्या पर पहुंची थी घटना बृहस्पतिवार रात 10:30 बजे की है। धूमनगंज की रहने वाली बीए की 24 वर्षीय छात्रा माइग्रेन की शिकायत होने पर सिविल लाइंस में क्लाइव रोड पर रहने वाले न्यूरोसर्जन डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा के आवास पर उन्हें दिखाने गई थी। डॉक्टर देर रात तक मरीजों को देखते हैं। छात्रा को 74 नंबर मिला था। भाई ने बताया कि उसे जरूरी काम था, ऐसे में वह बहन को छोड़कर चला गया था। 10:30 बजे आया नंबर
छात्रा ने बताया, रात 10:30 बजे के करीब मेरा नंबर आया। मैं चैंबर में पहुंची तो डॉक्टर ने अन्य मरीजों को यह कहकर बाहर कर दिया कि जांच करनी है। जब मैं केबिन में अकेले रह गई तो चैंबर के दोनों दरवाजे भीतर से बंद कर लिए। पहले ऊपर के कपड़े उतरवाए
इसके बाद जांच करने की बात कहकर मेरे ऊपर के कपड़े उतार दिए और छेड़खानी करने लगा। नीचे के कपड़े भी उतारने को कहने लगा। मैं घबरा गईऔर कहा कि मुझे जांच नहीं करानी है तो जबरन कपड़े उतारने की कोशिश की। मैं रोने लगी तो मुंह बंद करने को बोलने लगा। इसके बाद तब तक दरवाजे नहीं खोले जब तक कि मैंने अपने कपड़े सही नहीं कर लिए। मरीजों-तीमारदारों को बाहर निकलवाया
छात्रा के परिजनों ने बताया, बेटी रोते हुए बाहर निकली तो अन्य मरीजों और तीमारदारों ने इसकी वजह पूछी। उसने आपबीती सुनाई तो लोग डॉक्टर के चैंबर में घुस गए और उसे खरी-खोटी सुनाने लगे। इस पर उसने अपने स्टाफ को बुलाकर सभी को बाहर निकाल दिया और गेट भीतर से बंद कर लिया। जानकारी हुई तो परिवार के लोग पहुंचे और फिर सूचना देने पर डायल 112 के पुलिसवाले आ गए। कुछ देर बाद सिविल लाइंस थाने की पुलिस भी आ गई और फिर छात्रा को परिजनों समेत थाने ले जाया गया। वहां छात्रा ने पुलिस के सामने पूरी घटना बयां की। सुबह छात्रा को मेडिकल के लिए भेजा गया। एसीपी बोले एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल ने बताया, छात्रा की शिकायत पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल की। डॉक्टर से भी पूछताछ की गई। फिलहाल तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रकरण की गहराई से छानबीन कराई जा रही है। कौन हैं डॉक्टर कार्तिकेय
डॉ. कार्तिकेय शर्मा न्यूरोसर्जन हैं और क्लाइव रोड पर रहते हैं। वह शहर के कई अस्पतालों में ओपीडी में मरीजों को देखते हैं। 2004 में उनका नाम तब चर्चा में आया जब उन्हें अस्पताल से घर लौटते वक्त अगवा कर लिया गया था। हफ्ते भर बाद उन्हें बदमाशों ने छोड़ा था। पुलिस ने दावा किया था कि दबाव पड़ने पर बदमाशों ने डॉक्टर को छोड़ा। चर्चा यह भी रही कि फिरौती के करोड़ों रुपये देने के बाद उन्हें छोड़ा गया। 2012 में उन्होंने फिर आरोप लगाया कि फोन पर उनसे पांच करोड़ की रंगदारी मांगी गई। वीडियो भी सामने आया घटना के बाद मौके पर हुए हंगामे का वीडियो भी सामने आया है। इसमें दिख रहा है कि अपने आवास के भीतर खड़े डॉक्टर और गेट के बाहर खड़े छात्रा के परिजनों से नोकझोंक हो रही है। इसमें छात्रा रोते हुए कह रही है कि आपने मेरे कपड़े क्यों उतारे। उधर डॉक्टर यह कहते हुए नजर आ रहे हैं कि उन्होंने छेड़खानी नहीं की।
Source link