पटना यूनिवर्सिटी में 30 मार्च को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुए बवाल के बाद पुलिस ने छात्र संघ अध्यक्ष शांतनु शेखर समेत 6 छात्रों को नामजद आरोपी बनाया था। इनके अलावा 30 अज्ञात छात्रों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। इस मामले में पटना पुलिस ने अनुराग कुमार को नौबतपुर और वर्तमान काउंसलर मोहम्मद एहसानुल्लाह (इकबाल छात्रावास) से अरेस्ट किया था। इसे लेकर आज दरभंगा हाउस परिसर में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। आज दोपहर 2 बजे प्रदर्शन पीयू की छात्रा और AISA की सबा आफरीन ने कहा कि, ‘पटना विश्वविद्यालय में छात्रों पर स्टेट द्वारा दर्ज मुकदमों, गिरफ़्तारियों और बढ़ती दमनात्मक कार्रवाइयों के खिलाफ विश्वविद्यालय के छात्र और छात्र संगठन द्वारा आज दोपहर 2 बजे, दरभंगा हाउस परिसर में एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जा रहा है।’ झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं सबा आफरीन ने कहा कि, ‘हाल के घटनाक्रमों में छात्रों की लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति, सवाल उठाने के अधिकार और असहमति को दबाने के लिए जिस प्रकार BJP-JDU स्टेट पदाधिकारियों द्वारा मुकदमे दर्ज किए गए और गिरफ़्तारियां की गई। वह न केवल चिंताजनक है, बल्कि शैक्षणिक परिसरों के लोकतांत्रिक स्वरूप पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इस विरोध प्रदर्शन के जरिए छात्र समुदाय अपनी आवाज़ बुलंद करते हुए यह मांग करेगा कि सभी झूठे मुकदमे तत्काल वापस लिए जाएं। गिरफ्तार छात्रों को रिहा किया जाए और कैंपस में लोकतांत्रिक अधिकारों की पूर्ण बहाली सुनिश्चित की जाए। सीएम के सामने लगे थे ‘गो बैक’ के नारे दरअसल, पीयू के नए प्रशासनिक और शैक्षणिक भवन (कला संकाय) के उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना यूनिवर्सिटी के कैंपस में पहुंचे थे। इसी दौरान पीयू कैंपस के अंदर छात्रों ने उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के विरोध में नारेबाजी की थी। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान छात्रों ने पुलिस के काम में बाधा डाला। पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी की और हाथापाई हुई। इस दौरान गो बैक के नारे भी लगाए गए थे।
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