पठानकोट और आसपास के इलाकों में शनिवार शाम को मौसम ने अचानक करवट ली। रात करीब 8 बजे आई तेज आंधी और उसके बाद शुरू हुई भारी बरसात ने शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। दिनभर की उमस के बाद आई इस तब्दीली से जहां तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, वहीं शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या ने प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। अचानक बदला मौसम का मिजाज
बता दें कि शनिवार सुबह से ही जिले में घने बादल छाए हुए थे। दोपहर के समय कुछ देर के लिए हल्की धूप खिली, लेकिन शाम ढलते ही आसमान में काली घटाएं घिर आईं। रात 8 बजे के करीब अचानक तेज कड़क और चमक के साथ धूल भरी आंधी चली, जिसके तुरंत बाद मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। खबर लिखे जाने तक बारिश लगातार जारी थी। जलभराव से बढ़ी मुसीबतें
तेज बरसात के कारण शहर की गलियों और नालियों का पानी सड़कों पर आ गया। शहर के मुख्य बाजारों और रिहायशी इलाकों में जलभराव की समस्या देखने को मिली, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई इलाकों में बिजली गुल होने की भी सूचना है। तापमान में आई गिरावट
इस बेमौसमी बरसात ने गर्मी से राहत तो दी है, लेकिन तापमान में अचानक आई भारी गिरावट से ठंडक का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 24 घंटों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं।
राज्य स्तरीय समागम पर संकट के बादल
गौरतलब है कि कल, 12 अप्रैल को पठानकोट के रामलीला ग्राउंड में राज्य स्तरीय ‘नव संवत समागम’ आयोजित होना है, जिसमें मनीष सिसोदिया शिरकत करने वाले हैं। आज देर रात हुई इस भारी बारिश ने आयोजन स्थल की तैयारियों और व्यवस्थाओं के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
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