मध्य प्रदेश वित्त आयोग के अध्यक्ष जयभान सिंह पवैया पदभार ग्रहण करने के बाद पहली बार ग्वालियर पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर उनके समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर ग्वालियर जिलाध्यक्ष जयप्रकाश राजौरिया और मंत्री नारायण सिंह कुशवाह सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस दौरान पवैया ने ग्वालियर की जनता से मिले प्यार पर भावुकता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसा ही प्यार उन्हें वर्ष 1993 में बाबरी विध्वंस के बाद जेल से छूटने पर ग्वालियर आने पर मिला था। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से दिल्ली में हुई मुलाकात पर भी पवैया ने कहा कि यह एक औपचारिक चर्चा थी, जिस पर कुछ पत्रकारों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को चिंता हो गई। पवैया ने जोर दिया कि वे अटल जी और ठाकरे जी के संस्कारों में पले-बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई संवैधानिक पद का अध्यक्ष बनता है, तो ऐसे मौकों पर सौजन्यता का व्यवहार अपेक्षित होता है। उन्होंने ऐसे लोगों को ‘बौद्धिक दरिद्र’ बताया, जिन्होंने इस मुलाकात पर टिप्पणी की। पवैया ने कहा कि सिंधिया उनके घर और गांव में दो बार आ चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उनके पदभार ग्रहण करने के बाद चाय के आमंत्रण पर मुलाकात हो जाती है, तो क्या ‘पहाड़ टूट पड़ता है’? पवैया ने स्पष्ट किया कि वे सभी भाजपा के एक परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा कांग्रेस की तरह ‘गिरोहों की पार्टी’ नहीं है। उन्होंने संकल्प लिया कि सभी मिलकर संगठन को मजबूत करेंगे।
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