फाजिल्का जिले के काला गांव टिब्बा के पास मलूकपुरा नहर में तीन दिन पहले मिले एक अज्ञात व्यक्ति के नग्न शव की पहचान 72 घंटे बाद भी नहीं हो सकी। थाना नंबर दो की पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को नर सेवा नारायण सेवा समिति को सौंप दिया, जिसने आज उसका अंतिम संस्कार कर दिया। समिति के सदस्यों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया है। समिति के सेवादार बिट्टू नरूला और अन्य सदस्यों ने बताया कि जिस दिन दोपहर में उन्हें नहर में शव मिला था, उस समय भी पुलिस कर्मचारी मौके पर दो घंटे देरी से पहुंचे थे। इसके बाद शव को पहचान के लिए तीन दिनों तक रखा गया। बोले- पुलिस ने कोई इश्तिहार जारी नहीं किया सदस्यों ने आरोप लगाया कि संबंधित पुलिस प्रशासन ने मृतक की पहचान के लिए न तो कोई इश्तिहार जारी किया और न ही उसकी पहचान जानने के लिए कोई अन्य प्रयास किए। 72 घंटे बीत जाने के बाद आज शव को पोस्टमार्टम के दौरान संस्था को संस्कार के लिए सौंप दिया। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक वे ऐसे अनेकों शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं जिनकी पहचान नहीं हो पाई। समिति सेवादार ने टीम गठन की मांग की इधर, समिति के मुख्य सेवादार राजू चराया ने कहा कि उन्होंने कई बार पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग की थी कि एक ऐसी टीम का गठन किया जाए, जिसमें समिति सदस्य और पुलिस कर्मचारी शामिल हों। इस टीम का उद्देश्य नहरों में मिलने वाले अज्ञात लोगों की पहचान के लिए संयुक्त प्रयास करना था ताकि उनके शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाया जा सके, लेकिन आज तक ऐसी टीम नहीं बनाई गई है।
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