फेंसिंग विवाद पर प्रशासन सख्त, खंभे-तार हटाने के निर्देश:खिलचीपुर में रात में बढ़ाई घेराबंदी पर चेतावनी, नहीं हटाने पर जेसीबी कार्रवाई की चेतावनी




राजगढ़ जिले के खिलचीपुर दशहरा मैदान के पास जमीन पर की गई तार फेंसिंग के मामले में गुरुवार सुबह प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार अनिल शर्मा, आरआई टी.एल. अंतल और पटवारी जीतमल दांगी ने स्थल का निरीक्षण कर जमीन पर लगाए गए खंभे और तार फेंसिंग हटाने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने फेंसिंग करने वाले इमरान को साफ कहा कि दोपहर तक खंभे और तार नहीं हटाए गए तो प्रशासन जेसीबी से कार्रवाई करेगा। साथ ही स्पष्ट किया कि इस जमीन पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। खंभे गाड़कर तार फेंसिंग की गई थी
दरअसल, दो दिन पहले इस जमीन पर रातों-रात कुछ लोगो ने सीमेंट के खंभे गाड़कर तार फेंसिंग कर दी गई थी। जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने मौके पर टीम भेजकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था। इसके बावजूद बुधवार रात को उसी जमीन के आसपास और अधिक जगह पर खंभे गाड़कर तार फेंसिंग बढ़ा दी गई। इसके बाद गुरुवार सुबह राजस्व अमला दोबारा मौके पर पहुंचा और स्थिति का जायजा लिया। दशहरा मैदान के पास स्थित है जमीन
स्थानीय लोगों के अनुसार यह जमीन दशहरा मैदान के पास स्थित है, जहां दशहरा पर्व के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले लोग अपने वाहनों की पार्किंग करते हैं। अचानक हुई फेंसिंग और उसके बाद रात में बढ़ाई गई घेराबंदी से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। जानकारी के अनुसार खिलचीपुर बायपास बनने के बाद पहाड़ी और पथरीली सपाट भूमि वाला सर्वे नंबर 1127 हाइवे किनारे आ गया। आरोप है कि बटांकन में बची सर्वे नंबर 1127/4 की करीब 1100 हेक्टेयर भूमि को लेकर करकरा गांव की पट्टे की जमीन खरीदकर उसे तरमीम के जरिए यहां स्थानांतरित करने की प्रक्रिया की गई। यह मामला वर्ष 2016 के बाद से चर्चा में बताया जा रहा है।



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