बक्सर जिले में एलपीजी आपूर्ति की बढ़ती मांग और शिकायतों के मद्देनजर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। शुक्रवार को जिला पदाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समाहरणालय परिसर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शादी-विवाह में गैस आपूर्ति और 5 किलोग्राम फ्री-ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर विशेष निर्देश जारी किए गए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि वैवाहिक कार्यक्रमों में गैस की आपूर्ति के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया लागू की गई है। अब शादी में खाना बनाने वाले रसोइया या कैटरर्स को वाणिज्यिक गैस के लिए अनिवार्य रूप से निबंधन कराना होगा। संबंधित तेल कंपनियां 5 से 7 दिनों के भीतर यह निबंधन सुनिश्चित करेंगी। संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को आवेदन देना होगा जिस घर में शादी है, उस व्यक्ति को शादी का कार्ड संलग्न कर संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को आवेदन देना होगा। आवेदन में आवश्यक गैस सिलेंडरों की संख्या और कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की संभावित संख्या का उल्लेख करना अनिवार्य होगा। प्रशासन के अनुसार, अनुमंडल पदाधिकारी इन आवेदनों की समीक्षा कर संबंधित तेल कंपनियों को निर्देश देंगे, ताकि कार्यक्रम के दिन मांग और उपलब्धता के अनुसार आनुपातिक रूप से गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। यह भी स्पष्ट किया गया है कि शादी के लिए उपलब्ध कराया गया वाणिज्यिक गैस केवल उसी कार्यक्रम में उपयोग किया जाएगा। फ्री-ट्रेड एलपीजी सिलेंडर को लेकर भी प्रशासन ने अहम निर्देश दिए इसके साथ ही, 5 किलोग्राम के फ्री-ट्रेड एलपीजी सिलेंडर को लेकर भी प्रशासन ने अहम निर्देश दिए हैं। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों और गैस एजेंसियों को निर्देशित किया गया है कि ये छोटे सिलेंडर मुख्य रूप से प्रवासी मजदूरों और श्रमिकों के बीच ही उपलब्ध कराए जाएं, ताकि जरूरतमंद वर्ग को प्राथमिकता मिल सके। जिले में फिलहाल इंडियन ऑयल (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) की कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। इनमें IOCL की 13, BPCL की 6 और HPCL की 8 एजेंसियां शामिल हैं। जिले में घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 3.5 लाख से अधिक है। 13 मार्च से 9 अप्रैल 2026 के बीच 1,28,635 गैस सिलेंडर का वितरण प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, 13 मार्च से 9 अप्रैल 2026 के बीच 1,28,635 गैस सिलेंडर का वितरण किया गया है, जबकि 3,535 सिलेंडर का स्टॉक अभी उपलब्ध है। जिले में प्रतिदिन औसतन 6,419 सिलेंडर की मांग के मुकाबले 5,657 सिलेंडर की आपूर्ति हो रही है, जिससे लगभग 5.3 दिनों का बैकलॉग बना हुआ है। एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सभी गैस एजेंसियों पर दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। अब तक इस मामले में 2 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं। साथ ही 9 अप्रैल को 36 गैस एजेंसियों और प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण भी किया गया। 817 का निष्पादन किया जा चुका आम जनता की शिकायतों के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय है, जहां अब तक 908 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 817 का निष्पादन किया जा चुका है।जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि एलपीजी आपूर्ति को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और सोशल मीडिया की लगातार निगरानी की जा रही है।
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