बाड़मेर कोर्ट के आदेश पर कोतवाली थाने में तत्कालीन नगर परिषद आयुक्त श्रवण सिंह (RAS) और प्रशासक और बाड़मेर एडीएम राजेंद्र सिंह, समेत 3 जनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इन पर आरोप है कि नगर परिषद के कर्मचारी रहते मगाराम ने बेशकीमती जमीन नीलाम नहीं की। बल्कि निजी फायदे के लिए बेच दी। इसमें आयुक्त और प्रशासन की भी मिलीभगत रही। अब कोतवाली पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है। वही, UIT सचिव का कहना है की हम पर तथ्यहीन आरोप लगाए है। हमारे ज्वाइन करने से पहले का मामला है। फर्जी दस्तावेज भी तैयार किए कोतवाली थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार- आरोपी ने साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। नगर परिषद बाड़मेर के तत्कालीन कर्मचारी मगाराम ने बाड़मेर शहर की पॉश कॉलोनी महावीर नगर में जे-08 भूखंड नीलाम करने की बजाय निजी फायदे के लिए अन्य अधिकारियों की शह से बेच दिया। प्लॉट की अनुमानित कीमत करोड़ों में है। कोतवाली थाने के एसआई गोविेंद राम ने बताया- कोर्ट आदेश से मामला दर्ज किया गया है। अब डॉक्यूमेंट की जांच की जाएगी। तथ्यहीन आरोप इस मामले में आयुक्त श्रवणसिंह राजावत ने फोन पर बातचीत करते हुए बताया की मेरा और प्रशासक, ADM राजेंद्र सिंह चांदावत के कार्यकाल से पहले का मामला है। इसका बेचान 2020 में हुआ था। हमारे पर तथ्यहीन आरोप लगाए हैं। थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं, कोर्ट का दरवाजा खटखटाया मामले की शिकायत करने वाले सज्जन सिंह पुत्र हुकमसिह निवासी लीलरिया धोरो ने कोतवाली थाने में 3 मई 2025 को रिपोर्ट दी थी। लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद सज्जन सिंह ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अब कोर्ट के आदेश के बाद कोतवाली थाने में नगर परिषद आयुक्त श्रवणसिंह, प्रशासक और एडीएम राजेंद्र सिंह चांदावत और मगाराम के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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