भिंड शहर के वार्ड क्रमांक 32 में सड़क निर्माण को लेकर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। शनिवार शाम करीब 7:30 बजे मेला फाटक से मस्जिद तक बनाई जा रही सड़क पर अचानक रात के समय काम शुरू कर दिया गया, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी फैल गई। जानकारी के अनुसार करीब 30 लाख रुपए की लागत से सड़क निर्माण कार्य दो साल पहले स्वीकृत हुआ था। शुरुआती चरण में लेवलिंग और डामरीकरण किया जाना था, लेकिन निर्माण एजेंसी ने लापरवाही बरती। करीब 8 महीने पहले सड़क पर बोल्डर डालने के बाद काम अधूरा छोड़ दिया गया था, जिससे लोग धूल और मिट्टी से परेशान थे। निर्माण प्रक्रिया पर उठे सवाल शनिवार को एजेंसी ने बिना सूचना के काम शुरू किया। पहले सड़क पर पानी डाला गया, फिर उसके ऊपर बिटुमिनस इमल्शन डालकर सतह को काला किया गया और उसके बाद जीरा गिट्टी बिछाई गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी के ऊपर बिटुमिनस इमल्शन डालने से सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होती है। लोगों का आरोप है कि काम के दौरान नगर पालिका का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। टाइम कीपर, उपयंत्री या सहायक यंत्री की अनुपस्थिति में काम किया गया, जिससे गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपयंत्री बोले- शिकायत मिली, जांच होगी मामले में नगर पालिका के उपयंत्री राजवीर सिंह भदौरिया ने बताया कि यह पुराना कार्य है, जो 8-10 महीने पहले शुरू हुआ था। छुट्टी के दिन बिना सूचना के काम शुरू होने की जानकारी उन्हें नहीं थी।
उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की शिकायत मिली है और जांच कर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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