उदयपुर के मावली क्षेत्र में सिंचाई और पीने के पानी की किल्लत को दूर करने के लिए चल रहे बागोलिया फीडर और उदयसागर नहरों के काम में अब काफी तेजी आने वाली है। राज्य सरकार की बजट घोषणाओं को जमीन पर उतारने के लिए जल संसाधन विभाग पूरी तरह एक्टिव नजर आ रहा है। इसी सिलसिले में विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता (ACE) वीरेंद्र सिंह सागर ने खुद निर्माणाधीन साइट्स का दौरा किया और चल रहे विकास कार्यों का बारीकी से जायजा लिया।
ACE वीरेंद्र सिंह सागर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़ी हिदायत दी है कि काम की क्वालिटी में कोई भी कसर नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की समय-समय पर लैब में जांच कराई जाए ताकि मजबूती से कोई समझौता न हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह प्रोजेक्ट केवल सरकारी फाइल का हिस्सा नहीं है, बल्कि हजारों किसानों की उम्मीदों से जुड़ा है। इसलिए इसे हर हाल में तय समय सीमा के भीतर पूरा करना जरूरी है ताकि आमजन को इसका फायदा जल्द मिल सके।
खासकर मावली क्षेत्र के किसानों के लिए बागोलिया फीडर आने वाले समय में किसी वरदान से कम साबित नहीं होगा। इसके पूरी तरह तैयार होने के बाद इलाके के करीब 17 गांवों की 3676 हेक्टेयर जमीन को सीधे सिंचाई की सुविधा मिल सकेगी। इससे न केवल खेतों में फसलों की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि इलाके के जलस्तर में भी सुधार होगा, जिससे पीने के पानी की समस्या भी काफी हद तक हल हो जाएगी।
वहीं, जेआईसीए (JICA) के सहयोग से उदयसागर बांध की नहरों के मरम्मत और जीर्णोद्धार का काम भी जोरों पर चल रहा है। अक्सर किसानों की शिकायत रहती थी कि नहरें पुरानी होने और उनमें होने वाले रिसाव यानी सीपेज की वजह से पानी आखिरी छोर (टेल एंड) तक नहीं पहुंच पाता था। अब इस काम के पूरा होने के बाद पानी की बर्बादी रुकेगी और रबी की फसल के दौरान आखिरी खेत तक भरपूर पानी पहुंच सकेगा। इस निरीक्षण के दौरान अधिशाषी अभियंता मोहित पाटीदार और कनिष्ठ अभियंता अजय सिंह गुर्जर ने प्रोजेक्ट की बारीकियां समझाईं। ACE ने काम के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने और इसकी लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी मौके पर दिए।
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