पुस्तक मेले में डिस्काउंट के नाम पर पालक-छात्रों के साथ ठगी हो रही है। मेले पर निगरानी करने वाली टीम चुप्पी साधे हैं। ठगी का यह राज रविवार को वंदना जग्गी की शिकायत से खुला। उन्होंने कक्षा 8वीं की सार्थक हिंदी व्याकरण की जो किताब ली उस पर जहां कीमत 495 प्रिंट थी वहां काली स्याही लगी थी और रेट 30 रुपए बढ़ाकर 525 रुपए लिखे गए थे। अधिक वसूली की यह शिकायत जांच में सही निकली। इसके बाद आदर्श स्टेशनरी स्टोर को सील कर दिया। प्रशासन के पास कुछ और पालकों ने भी ऐसी ही शिकायत अन्य दुकानदारों को लेकर की हैं। वहीं आदर्श स्टेशनरी के संचालक धनराज सेवानी ने कहा कि किताब का पब्लिशर न्यू सरस्वती हाउस दिल्ली है। वहीं से रेट रिवाइज होकर आएं हैं। इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है। नोटिस मिल गया है वे साक्ष्य सहित उत्तर देंगे। महिला की शिकायत पर हुई जांच
महिला की शिकायत की जांच कार्यपालिक मजिस्ट्रेट सुरेश यादव और राकेश वर्मा ने की। जांच अफसरों ने जो रिपोर्ट दी उसमें पालक को मिले बिल के आधार पर लिखा कि कक्षा 7 की किताब खरीदने पर 10% डिस्काउंट नहीं दिया। इसी कारण जिला पंचायत सीईओ ने इसे पालकों के साथ धोखाधड़ी माना और नोटिस देकर 24 घंटे में उत्तर मांगा है।
और भी शिकायतें, बाजार बंद, धमकी देकर खुलवाया इस पूरे घटनाक्रम के दौरान विरोध स्वरूप मेले की सारी दुकानें बंद हो गई थी। प्रशासन ने एफआईआर की धमकी दी। करीब एक घंटा रुकने के बाद दुकानदारों से बात की और दुकानें खोलने के लिए कहा। आदर्श स्टेशनरी स्टोर की तरह न्यू भारतीय बुक डिपो को भी नोटिस जारी हुआ है, वह भी अधिक रेट पर किताब की बिक्री कर रहा था। वहीं शाम को सारे दुकानदारों ने हस्ताक्षर कर सील दुकान खुलवाने का आग्रह प्रशासन से किया। शिकायत सेल के प्रभारी ने कहा कि एक शिकायत और दर्ज हुई है। इसमें स्टेशनरी पर स्कूल का नाम छपा होने की बात कही है। यह भी सच निकली है।
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