मोगा की एक कोर्ट ने चर्चित नाबालिग दुष्कर्म मामले में नामजद आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। इस फैसले के बाद मामले को लेकर चल रही चर्चाओं को नया मोड़ मिल गया है और कानूनी हलकों में इस पर बहस तेज हो गई है। यह मामला कोट इसे खां क्षेत्र से जुड़ा है। एडवोकेट दलजीत सिंह के अनुसार, 27 जनवरी 2025 को एक नाबालिग पीड़िता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में पीड़िता ने मनजीत कौर, कर्मजीत कौर और बूटा सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके आधार पर थाना कोट इसे खां में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। दलील के बाद कोर्ट ने सुनाया फैसला पुलिस ने इस केस में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64, 351(2)(3), इमोरल ट्रैफिकिंग एक्ट की धाराएं 4 और 5, पोक्सो एक्ट की धारा 6 और एनडीपीएस एक्ट की धारा 27 के तहत मामला दर्ज किया था। मामले की सुनवाई जिला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिशन स्वरूप की अदालत में चल रही थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों दलजीत सिंह ढालीवाल और परविंदर सिंह ढालीवाल ने अदालत में अपनी दलीलें पेश कीं। दोनों पक्षों की दलीलों और प्रस्तुत सबूतों पर विचार करने के बाद अदालत ने आरोपियों को बरी करने का आदेश दिया। इस निर्णय को कानूनी विशेषज्ञ एक महत्वपूर्ण न्यायिक फैसला मान रहे हैं।
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