मोगा में एक महिला के साथ सरेआम मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक महिला को पीटते और घसीटते हुए दिख रहे हैं। इस मामले पर थाना सिटी साउथ के प्रभारी बलजिंदर भुल्लर ने स्पष्टीकरण दिया है। उन्होंने बताया कि यह घटना नई नहीं है, बल्कि पहले से दर्ज एक मामले से संबंधित है, जिसमें पुलिस पहले ही कार्रवाई कर चुकी है। सीसीटीवी लगाने को लेकर हुआ विवाद
थाना प्रभारी के अनुसार, यह घटना 3 मार्च 2026 को नीलम कौर और बलजिंदर सिंह के परिवारों के बीच हुई थी। दोनों के घर आमने-सामने हैं। सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर उनके बीच विवाद हुआ था, जो बाद में झगड़े में बदल गया। इस संबंध में 14 मार्च 2026 को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 126, 115(2), 33, 74 और 3/5 के तहत मुकदमा नंबर 100 दर्ज किया गया था। चार लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ था मामला
पुलिस ने नीलम कौर के साथ मारपीट के मामले में चार आरोपियों- बलजिंदर सिंह उर्फ बिट्टू, गुरपिंदर सिंह उर्फ मुन्ना, जसवीर कौर और गुरविंदर कौर के खिलाफ मामला दर्ज किया था। दूसरी ओर, बलजिंदर सिंह के बयान पर नीलम कौर और उनके भाई गुरदीप कुमार उर्फ दीपा के खिलाफ भी क्रॉस केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान, 7 अप्रैल 2026 को बलजिंदर सिंह और गुरपिंदर सिंह को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया था। इसके बाद 9 अप्रैल को उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अब क्रॉस केस में नीलम कौर और उनके भाई को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो पर न करें विश्वास- थाना प्रभारी
थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर बिना सच्चाई जाने विश्वास न करें। उन्होंने दोहराया कि पुलिस इस मामले में पहले ही सख्त कानूनी कार्रवाई कर चुकी है और भविष्य में भी किसी को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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