मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मुस्लिम उत्तराधिकार कानून की व्याख्या करते हुए अहम फैसला सुनाया है। सिंगल बेंच ने स्पष्ट किया कि कोई भी मुस्लिम व्यक्ति अपनी संपत्ति के एक तिहाई से अधिक हिस्से की वसीयत नहीं कर सकता। मामला दो भाइयों के बीच पिता की संपत्ति (वार्ड-53 स्थित 5280 वर्गफीट जमीन) के बंटवारे के बाद उपजे विवाद से जुड़ा हुआ है। एक भाई का दावा था कि पिता ने पूरी संपत्ति उसके नाम वसीयत कर दी है, क्योंकि दूसरा भाई तलाक के बाद अपनी मां के साथ रहने चला गया था। ग्वालियर खंडपीठ के आदेश में यह मुख्य बातें भी… ट्रायल कोर्ट ने कहा था- दोनों भाइयों का 50-50 हक
ट्रायल कोर्ट ने एक भाई के पक्ष में की गई ‘पूरी संपत्ति की वसीयत’ को अमान्य घोषित कर दिया था। कोर्ट ने कहा था- दोनों भाइयों का आधा-आधा (50-50%) का हक है। 2007 के इस आदेश के खिलाफ भाई ने अपील की, जिसे हाईकोर्ट ने 8 अप्रैल 2026 में खारिज कर दिया।
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