किदवई नगर में पकड़े गए 9 राज्यों के 14 विश्वविद्यालय की फर्जी मार्कशीट और डिग्री बनाने वाले गिरोह के मामले की जांच में जुटी SIT को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज ने अपनी सत्यापन रिपोर्ट सौंप दी है। आरोपियों के पास मिली 98 में 96 मार्कशीट सही पाई गईं हैं, जबकि 2 की रिपोर्ट मिलने का इंतजार है। यह था पूरा मामला… किदवई नगर पुलिस ने 18 फरवरी को जूही गौशाला स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन के कार्यालय में छापा मारा था। पुलिस को कार्यालय से नौ राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों की 1030 डिग्री और मार्कशीट बरामद हुई थी। इनमें उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की 98 मार्कशीट बरामद हुईं थीं। पुलिस ने मामले में गिरोह के सरगना रायबरेली के ऊंचाहार निवासी शैलेंद्र कुमार ओझा, कौशांबी निवासी नागेंद्र मणि त्रिपाठी, गाजियाबाद के जोगेंद्र और उन्नाव के अश्वनी कुमार सिंह को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इसके अलावा गिरोह के लिए बिचौलिए का काम करने वाले नोएडा के विनीत कुमार और चमनगंज के शेखू को बाद में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। हाईस्कूल की 36 व इंटर की 62 मार्कशीट सही मिली एडीसीपी साउथ योगेश कुमार की अध्यक्षता में SIT मिली मार्कशीट और डिग्री का संबंधित संस्थान या बोर्ड से सत्यापन करा रही हैं, जिसमें मंगलवार को यूपी बोर्ड ने अपनी सत्यापन रिपोर्ट भेज दी है। एडीसीपी साउथ ने बताया कि इसमें आरोपियों के पास से हाईस्कूल की 36 और इंटरमीडिएट की सभी 62 मार्कशीट सही मिली हैं, जिसमें इंटरमीडिएट की दो मार्कशीटों की रिपोर्ट आना बाकी है। आरोपियों को एक बार फिर रिमांड लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी जाएगी, जिससे गिरोह से जुड़े लोगों की गहनता से जांच की जा सके, इसके लिए जल्द अर्जी दी जाएगी।
Source link