केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव के दौरान रविवार शाम को सीहोर, विदिशा, देवास और रायसेन जिले के लिए एक समग्र कृषि रोडमैप जारी किया। इस अवसर पर उन्होंने इंटीग्रेटेड फार्मिंग मॉडल का अवलोकन किया और किसानों से संवाद करते हुए कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए फसल विविधीकरण, नई तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियां अपनाना आवश्यक है। गेहूं-धान पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य
मंत्री चौहान ने इस बात पर जोर दिया कि केवल उत्पादन बढ़ाने के बजाय मिट्टी, जलवायु और उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सही फसल का चयन करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि इस रोडमैप में जल प्रबंधन, मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन), बाजार से जुड़ाव और जलवायु-सहिष्णु खेती पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। रोडमैप में गेहूं और धान पर निर्भरता कम करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बजाय, टमाटर, प्याज, लहसुन, अनार जैसी सब्जियों और फलों के साथ-साथ ड्रैगन फ्रूट और एवोकाडो जैसी नई फसलों को बढ़ावा देने की बात कही गई है। किसानों के लिए ‘सॉइल मोबाइल ऐप’ लॉन्च
वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘सॉइल मोबाइल ऐप’ लॉन्च किया गया है। यह ऐप किसानों को खेत पर ही खाद की सही मात्रा जानने में मदद करेगा। इसके अतिरिक्त, सॉइल हेल्थ कार्ड के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया। चौहान ने घोषणा की कि प्रत्येक ब्लॉक में ‘बीज ग्राम’ विकसित किए जाएंगे, जहां किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे कृषि उत्पादन में 20 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना है। किसानों को रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराने के लिए क्लीन प्लांट सेंटर, तथा कृषि मशीनों की सुविधा के लिए मशीन बैंक और कस्टम हायरिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज, पैक हाउस और प्रोसेसिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी बल दिया। साथ ही, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को मजबूत करके किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे खेती को टिकाऊ और अधिक लाभकारी बनाया जा सके। कार्यक्रम के बाद, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों से भी चर्चा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह रोडमैप चारों जिलों के किसानों के लिए अत्यधिक फायदेमंद साबित होगा। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा भी उपस्थित थे।
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