रिवर्स राइटिंग में नेशनल रिकॉर्ड्स बनाने वाली महिला की कहानी:25 साल में मिरर इमेज में लिखी रामचरित मानस, गीता, बाइबिल समेत 25 बुक्स




नर्मदापुरम की बहु पल्लवी पारे चौकसे ने अपनी विलक्षण ‘मिरर इमेज’ (रिवर्स राइटिंग) कला के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। पल्लवी ने 25 साल में अपनी विधा से हिंदी को रिवर्स राइटिंग में लिख ‘इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2026’ में अपना नाम दर्ज कराया है। पल्लवी की यह यात्रा सन 2000 में शुरू हुई थी, जब उन्होंने अपने अध्ययन के दौरान नोट्स को कभी सीधे तो कभी उलटे अक्षरों में लिखना शुरू किया। उनकी इस नैसर्गिक प्रतिभा को उनके पिता अरुण पारे ने समय रहते पहचाना और इसे निखारने के लिए सदैव प्रोत्साहित किया, वहीं उनकी माता अलका पारे से मिले उच्च धार्मिक संस्कारों ने उनके इस लेखन को आध्यात्मिक मार्ग की ओर अग्रसर किया। पिछले ढाई दशकों की इस लंबी और कठिन साधना में पल्लवी ने तुलसीकृत सम्पूर्ण श्रीरामचरितमानस, श्रीमद्भगवद्गीता, मधुशाला और बाइबिल (नया विधान) जैसे महान ग्रंथों को ‘रिवर्स राइटिंग’ में पूरी श्रद्धा के साथ उतारा है। 25 साल में पल्लवी ने धार्मिक ग्रंथ के साथ साहित्यिक बुक्स गीतांजलि, मधुशाला समेत 25 बुक्स का रिवर्स राइटिंग में लेखन किया है। शादी के बाद पति ने भी सपोर्ट किया
पल्लवी की इस अभूतपूर्व सफलता में विवाह के बाद उनके पति महेंद्र चौकसे ने न केवल पल्लवी की इस अनूठी कला का पूरा सम्मान किया, बल्कि एक सच्चे मार्गदर्शक की तरह हर कदम पर उनका संबल बने रहे। उन्होंने यह किया कि परिवार की जिम्मेदारियों के बीच भी पल्लवी की यह साधना निर्बाध चलती रहे। महेंद्र चौकसे के अटूट विश्वास और निरंतर सहयोग के कारण ही आज पल्लवी इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचने में सफल रही हैं। 9 साल में लिखी रामचरित मानस, सत्य साईं बाबा ने दिया आशीर्वाद
पल्लवी ने बताया सबसे पहले वे कॉलेज में थी, तब दोस्तों को बताती थी कि मैं रिवर्स राइटिंग में लिख लेती हूं। अखबारों में आने वाले लेख खेल खेल में लिखती थी। पिता ने मेरे हुनर को देखा, उन्होंने मुझे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। मैंने रामचरित मानस ग्रन्थ लिखी। साल 2009 में श्री सत्य साईं बाबा से मिलने का सौभाग्य मिला। सत्य साईं बाबा ने ‘रिवर्स राइटिंग’ में लिखित सम्पूर्ण श्रीरामचरितमानस को अपने कर-कमलों से स्पर्श कर अनुग्रहित किया। इसके बाद मेरा लिखने के लिए मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। एशिया बुक्स रिकॉर्ड्स की तैयारी
पल्लवी ने बताया अगला प्रयास मेरा एशिया बुक्स रिकॉर्ड बनाना है। जिसके लिए वे भारत का संविधान लिख रहे है। उनका कहना है कि जब जब मौका मिलेगा वो मैं लिखने का प्रयास करूंगी।



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