प्रतापगढ़ के तहसील मुख्यालय स्थित मां वाराही देवी धाम रेलवे स्टेशन पर शनिवार शाम दो नाबालिग चचेरी बहनों के साथ एक युवक आपत्तिजनक हालत में मिला। सूचना के बावजूद रानीगंज पुलिस और जीआरपी की लापरवाही के कारण करीब करीब तीन घंटे तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। बताया गया कि शनिवार शाम करीब तीन बजे स्टेशन परिसर में जनरेटर गैलरी के पास युवक को नाबालिग बहनों के साथ संदिग्ध स्थिति में पकड़ा गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत स्टेशन मास्टर के माध्यम से रानीगंज थाने और जीआरपी को सूचना दी। हालांकि, दोनों ही तरफ से पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। रानीगंज थाना प्रभारी ने इसे जीआरपी का मामला बताया, जबकि जीआरपी प्रभारी निरीक्षण में व्यस्त होने का हवाला देते रहे। देर रात एक किशोरी की मां की तहरीर पर रानीगंज पुलिस ने मानधाता थाना क्षेत्र के सुवरनी गांव निवासी दिलशाद के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, केस दर्ज करने के बाद इसे जीआरपी थाने स्थानांतरित कर दिया गया, जिससे दोनों थानों के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया। रानीगंज एसओ विजयकांत सत्यार्थी ने बताया कि लड़कियों और आरोपी के बीच पिछले दो वर्षों से बातचीत हो रही थी और वे फोन पर संपर्क के बाद खुद स्टेशन पहुंचे थे। वहीं, जीआरपी एसओ पंकज भाष्कर का कहना था कि एफआईआर के अनुसार आरोपी लड़कियों को रानीगंज बाजार से बहलाकर स्टेशन ले गया था, इसलिए घटना स्थल रानीगंज थाना क्षेत्र ही माना जाएगा। मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद दोनों पक्षों के बीच देर तक चर्चा चली, जिसके बाद अंततः रानीगंज पुलिस ने ही विवेचना अपने हाथ में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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