लख़नऊ में मौसम ने अचानक करवट ली है। हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार से मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों तक बारिश और आंधी का असर बना रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी लेकिन किसानों की चिंता बढ़ गई है।
सुबह हल्की बारिश, दिन में बादलों के बीच धूप
बुधवार सुबह राजधानी में हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया। वर्तमान में तापमान करीब 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जबकि “फील्स लाइक” तापमान 24 डिग्री तक महसूस किया जा रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक दिन चढ़ने के साथ बादलों के बीच धूप निकलने की संभावना है और तापमान धीरे-धीरे 26 से 27 डिग्री तक पहुंच सकता है।
अगले 48 घंटों में 6 से 8 डिग्री तक गिर सकता है तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार लख़नऊ में अधिकतम तापमान में अगले 48 घंटों के दौरान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।
बारिश और बादलों के कारण दिन और रात के तापमान में अंतर कम होगा, जिससे मौसम अपेक्षाकृत ठंडा बना रहेगा।
बारिश और आंधी का असर
पूर्वी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय स्तर पर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो रहा है।
अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई जिलों में बारिश जारी रह सकती है।
गुरुवार तक बना रहेगा बारिश का असर
मौसम विभाग के अनुसार बारिश का यह सिलसिला गुरुवार तक जारी रह सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने और तापमान में बढ़ोतरी की संभावना है।
हालांकि, अगले कुछ दिनों में फिर से गर्मी बढ़ने के संकेत भी मिल रहे हैं, जिससे लोगों को मौसम के उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहने की जरूरत है।
लखनऊ में बदले इस मौसम ने जहां एक ओर लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर किसानों और आम जनजीवन पर इसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है।
ओलावृष्टि और तेज हवाओं का भी अलर्ट
बुधवार को प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-पानी के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।
तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की आशंका जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
किसानों की बढ़ी चिंता, गेहूं की फसल पर असर
इस मौसम बदलाव का असर किसानों पर भी पड़ सकता है। विशेष रूप से गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश और तेज हवाएं फसल की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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