लोगों को सरकारी नौकरी का झांसा देकर पैसे ऐंठने और फर्जी नियुक्त पत्र बांटने वाले ठग को सोमवार को जालोर की कोतवाली पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। आरोपी राकेश कुमार (25) के चेहरे पर न कानून का कोई डर था, न पछतावा। वह हंसते हुए कोर्ट में फेश हुआ। उसे तीन दिन के रिमांड पर सौंपा गया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया-जालोर के रतनपुरा रोड पर रहने वाले राकेश ने लोगों ने नगर परिषद में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इसके बाद फर्जी नियुक्ति पत्र भी बांट दिए। राकेश पूत्र पुखराज जीनगर मूल रूप से पाली के तखतगढ़ का रहने वाला है। बेरोजगारों से लाखों रुपए ऐंठे पुलिस ने बताया- राकेश ने भूति निवासी रितिक मीणा पुत्र करनाराम, रणछोड कुमार और आहोर के हरियाली गांव निवासी मुकेश कुमार से ठगी की। रितिक से उसने 10 लाख रुपए, रणछोड़ और मुकेश से 3-3 लाख रुपए में सौदा किया। इसके बाद उसने रिटायर्ड संयुक्त निदेशक शम्भूलाल जागरवाल और नगर परिषद आयुक्त (जालोर) के फर्जी हस्ताक्षर कर नियुक्ति पत्र बांट दिए। इससे पीड़ितों को अधिषाशी अधिकारी, कनिष्ठ सहायक आदि पदों पर जॉइन करने का झांसा दे दिया। फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद पीड़ितों ने कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने बताया- मामले में जल्दी जांच कर पीड़ितों के बयान लिए। नगर परिषद जालोर और बैंक से रिकॉर्ड लिया गया। आरोपी को डिटेन कर पूछताछ की गई। पूछताछ का दौर जारी है। यह खबर भी पढ़े…फर्जी सरकारी नौकरियां बांटने वाला पकड़ा:जयपुर नगर निगम की फर्जी मेल से भेजता था जॉइनिंग लेटर जालोर में 4 साल से बांट रहा था फर्जी नौकरियां:अब तक 30 पीड़ितों को ठगा, 200 लोगों से करोड़ों रुपए वसूले
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