जहानाबाद में स्थानीय विधायक राहुल कुमार ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और सत्ता परिवर्तन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। विधायक ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा नीतीश कुमार को जिस तरह से किनारे किया गया, वह लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान राहुल कुमार ने वर्तमान सरकार को ‘राहु-केतु’ की सरकार बताया। उन्होंने कहा कि यह सरकार दो अलग-अलग धड़ों में बंटी हुई है, जहां एक सिर है तो दूसरा धड़। दोनों के बीच तालमेल की कमी स्पष्ट दिखाई देती है, जिसका सीधा असर राज्य के विकास और प्रशासन पर पड़ रहा है। आम जनता को भुगतना पड़ रहा खामियाजा विधायक ने यह भी कहा कि सरकार की नीतियों और निर्णयों का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हो रही है। सत्ता में बैठे लोग जनता की समस्याओं से दूर हो चुके हैं और केवल राजनीतिक स्वार्थ में लगे हुए हैं। राहुल कुमार ने याद दिलाया कि उन्होंने स्वयं और उनके नेता तेजस्वी यादव ने लंबे समय तक नीतीश कुमार के साथ काम किया है। उनके नेतृत्व में बिहार में कई विकासात्मक कार्य हुए। ऐसे में उन्हें इस तरह अपमानित कर सत्ता से हटाना न केवल अनुचित है, बल्कि राजनीतिक मर्यादाओं के भी विपरीत है। जनता के साथ हो रहा राजनीतिक अन्याय उन्होंने कहा कि बिहार की जनता सब कुछ देख और समझ रही है। जनता के साथ जो हो रहा है, वह एक प्रकार का राजनीतिक अन्याय है। राहुल कुमार ने अंत में कहा कि आने वाले समय में बिहार की जनता इसका जवाब जरूर देगी और लोकतांत्रिक तरीके से ऐसे व्यवहार का प्रतिकार करेगी।
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