दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा गढ़ रोड स्थित बुद्धा गार्डन में आयोजित सात दिवसीय श्री शिव कथा के चौथे दिन माता पार्वती का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु भक्ति में सराबोर नजर आए और पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। कथावाचन करते हुए डॉ. सर्वेश्वर ने बताया कि महाराज हिमवान और महारानी मैना ने 27 वर्षों तक तपस्या कर आदिशक्ति को पुत्री रूप में प्राप्त करने का वरदान पाया, जिसके फलस्वरूप माता पार्वती का जन्म हुआ। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्या को देवी स्वरूप माना गया है, लेकिन आज समाज में नारी की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सच्चा नारी सशक्तिकरण ‘प्रदर्शन’ से नहीं, बल्कि ‘आत्मदर्शन’ से संभव है। जब नारी अपने भीतर की दिव्य शक्ति को पहचान लेगी, तभी उसका वास्तविक उत्थान होगा। संस्थान द्वारा ‘संतुलन’ प्रकल्प के तहत महिलाओं को ब्रह्मज्ञान के माध्यम से आत्मजागृति का संदेश दिया जा रहा है। कार्यक्रम में महापौर हरिकांत अहलूवालिया, पूर्व राज्य मंत्री सुनील भराला और भाजपा महानगर अध्यक्ष विवेक रस्तोगी सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। संस्थान के प्रतिनिधि स्वामी नरेशानंद जी ने कहा कि भगवान की आराधना और साधना में अंतर है। साधना के माध्यम से ही ईश्वर के साथ एकरूपता संभव है। कथा का चतुर्थ दिवस दिव्य आरती और प्रसाद वितरण के साथ संपन्न हुआ। आयोजन 7 अप्रैल तक प्रतिदिन शाम 4:30 से रात 8:30 बजे तक जारी रहेगा।
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