श्रावस्ती जिले में सालों से लंबित भूमि विवादों के त्वरित समाधान के लिए ‘श्रावस्ती मॉडल’ अभियान फिर से शुरू किया गया है। जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के पहले ही दिन 60 भूमि विवादों का मौके पर निस्तारण किया गया। इन 60 मामलों में से तहसील भिनगा में 6, तहसील इकौना में 44 और तहसील जमुनहा में 10 विवादों का समाधान किया गया। राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने आपसी सहमति के आधार पर इन विवादों को निपटाया। जिलाधिकारी अश्विनी कुमार पाण्डेय ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप भूमि एवं राजस्व विवादों में शीघ्र न्याय दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से अभियान के प्रथम चरण में जिले के 190 गांवों को शामिल किया गया है। प्रत्येक थाना क्षेत्र में राजस्व और पुलिस की दो-दो टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें नियमित रूप से गांवों में जाकर भूमि विवादों का समाधान करेंगी। राजस्व टीम में तहसीलदार, नायब तहसीलदार या राजस्व निरीक्षक को प्रभारी बनाया गया है, जिनके साथ चार लेखपाल तैनात हैं। पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक, वरिष्ठ उपनिरीक्षक या चौकी इंचार्ज के साथ चार कांस्टेबल शामिल हैं। ये टीमें प्रत्येक सप्ताह मंगलवार और शुक्रवार को चिन्हित गांवों में जाएंगी। वहां पक्षकारों की मौजूदगी में आपसी सहमति से भूमि विवादों का निस्तारण किया जाएगा। संबंधित पक्षों को इसकी पूर्व सूचना दी जा रही है। प्रशासन का मानना है कि ‘श्रावस्ती मॉडल’ के प्रभावी क्रियान्वयन से न केवल लंबित भूमि विवाद सुलझेंगे, बल्कि गांवों में आपसी तनाव कम होगा और कानून-व्यवस्था भी मजबूत होगी।
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