राजगढ़ कलेक्टर के निर्देश पर सोमवार को खिलचीपुर में श्रीजी मेले की शासकीय जमीन का सीमांकन कराया गया। राजस्व विभाग की पांच सदस्यीय टीम पुलिस बल और नगर परिषद के अमले के साथ मौके पर पहुंची और सर्वे नम्बर 667 की जमीन का सीमांकन किया। सीमांकन के दौरान आधुनिक रोवर मशीन का उपयोग किया गया। इसके जरिए जमीन की सटीक माप कर स्थायी सीमा चिन्ह स्थापित किए गए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति न बने। कई तरह के अवैध कब्जे आए सामने सीमांकन के दौरान सरकारी जमीन पर अलग-अलग तरह के कब्जे सामने आए। किसी ने यहां मकान बना लिया था, तो किसी ने जमीन को खेत में बदलकर खेती शुरू कर दी थी। जांच के दौरान कहीं ढाबा संचालित होता मिला, तो कहीं ईंट भट्टा लगा हुआ पाया गया। कुछ लोगों ने तो जमीन पर फसल बोकर उसकी कटाई भी कर ली थी। 10 लोगों का मिला अवैध कब्जा कार्रवाई के दौरान मौके पर कुल 10 लोगों का अवैध कब्जा पाया गया। राजस्व टीम ने सभी कब्जाधारियों और मौके पर मौजूद लोगों की सूची तैयार कर ली है। तैयार की गई सूची को आगे की कार्रवाई के लिए तहसीलदार न्यायालय में पेश किया जाएगा। इसके बाद नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। 78 बीघा जमीन शासकीय बताई गई पटवारी जीतमल दांगी के अनुसार, सर्वे नम्बर 667 का कुल रकबा करीब 103 बीघा है, जिसमें से लगभग 78 बीघा जमीन शासकीय है। करीब 26 बीघा जमीन कुछ भू-स्वामियों के नाम दर्ज बताई जा रही है। इस जमीन की अलग से जांच की जाएगी, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। राजस्व अमला रहा मौजूद इस सीमांकन कार्य में जीरापुर के राजस्व निरीक्षक दुर्गेश राठौड़, खिलचीपुर के डीएल अंसल, राजगढ़ के शनि गुप्ता और पटवारी जीतमल दांगी सहित अन्य राजस्व अधिकारी मौजूद रहे। इस कार्रवाई से साफ है कि प्रशासन अब शासकीय जमीन पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपना रहा है और आने वाले समय में और भी कार्रवाई की जा सकती है।
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