संभल से मेरठ के लिए बुकिंग पर गए पिता-पुत्र की पिकअप लोडर लूटने के बाद हत्या कर दी गई। छह दिन लापता रहने के बाद उनके शव शामली जनपद के जंगल से बरामद हुए। इस हत्याकांड में दो सगे भाई फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में दबिश दे रही हैं। यह घटना संभल जनपद की गुन्नौर तहसील के धनारी थाना क्षेत्र के भिरावटी गांव की है। गांव निवासी नरेश पुत्र विशंबर और उनके बेटे भीमसेन 2 अप्रैल की शाम को मेरठ के लिए पिकअप लोडर लेकर निकले थे। मेरठ के रास्ते में टोल प्लाजा पहुंचने के बाद वे लापता हो गए। परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं हो पाया। गाड़ी में तीन अन्य लोग भी बैठे थे, जिनके बारे में परिवार को कोई जानकारी नहीं थी। उसी रात लगभग 10 बजे उनकी अपने रिश्तेदारों से अंतिम बार बात हुई थी। शनिवार शाम 7 बजे एएसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि फरार आरोपी अरविंद और संतोष की गिरफ्तारी के लिए एसओजी सहित पुलिस की तीन टीमें लगातार काम कर रही हैं। इस मामले में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किए गए मनोज (पुत्र महावीर, निवासी चिंचरी, बदायूं) को जेल भेजा जा चुका है। एएसपी ने फरार आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने का दावा किया। फरार आरोपियों के पिता का भी आपराधिक रिकॉर्ड था और कोविड-19 के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। हत्या को दस दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस दोनों फरार सगे भाइयों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। इस बीच, पीड़ित परिवार को विभिन्न नेताओं और ग्राम प्रधान से आर्थिक सहायता मिली है। भाजपा नेता संजीव यादव ने 8 लाख रुपये, सपा विधायक राम खिलाड़ी यादव ने 1 लाख रुपये और ग्राम प्रधान डॉ. सुनील यादव ने 1 लाख रुपये की मदद की है। घटनाक्रम के अनुसार, 2 अप्रैल को थाना कैलादेवी के गांव सौंधन की साप्ताहिक बाजार में मनोज नामक व्यक्ति से मेरठ से लेबर लाने के लिए बुकिंग की गई थी। 6 अप्रैल को शामली के जंगल में पिता-पुत्र के शव मिले और 7 अप्रैल को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
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