समरसता से स्वदेशी तक ''पंच परिवर्तन'' का मंत्र:करौली में संघ ने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण का संदेश




करौली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) द्वारा आयोजित एक जन गोष्ठी में ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से समाज और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता पर बल दिया। उन्होंने मौजूद लोगों से इन मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया। करौली नगर में रविवार को हुई इस गोष्ठी में क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम मुख्य वक्ता थे। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के संदर्भ में ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर विस्तार से चर्चा की। निम्बाराम ने बताया कि सकारात्मक बदलाव की शुरुआत व्यक्ति, परिवार और समाज से होती है। निम्बाराम ने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी भावना और नागरिक कर्तव्यों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए भी प्रेरित किया।

गोष्ठी के दौरान प्रबुद्ध जनों द्वारा उठाए गए विभिन्न सवालों का समाधान किया गया, जिससे विषय को लेकर स्पष्टता बनी। इस गोष्ठी में जिला सहकार्यवाह धर्मेन्द्र सिंह ने प्रस्तावना प्रस्तुत की, जबकि जिला संघचालक देवीसिंह बदनपुरा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में विभाग प्रचारक दीपक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। अंत में सभी ने राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।



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