सहरसा में ट्रैक्टर-बाइक की टक्कर में 3 की मौत:इलाज में देरी पर सदर अस्पताल में परिजन ने किया हंगामा, तीसरे शख्स की नहीं हुई पहचान




सहरसा में सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद इलाज में कथित देरी को लेकर आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने सदर अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ की। यह घटना गुरुवार शाम 7 बजे की है। वनगांव थाना क्षेत्र के सरारी टोला पश्चिम के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दो अलग-अलग बाइक पर सवार चार लोगों को टक्कर मार दी। एक बाईक तीन और दूसरे बाईक पर एक ही सवार था। सभी घायलों को तत्काल बरियाही स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। युवक के मौत के बाद परिजन ने किया हंगामा बरियाही स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों ने शिवम कुमार को छोड़कर तीन अन्य घायलों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया। सदर अस्पताल पहुंचने के बाद रात करीब 8:30 बजे घायल सौरभ की मौत हो गई, जिसके बाद उसके परिजनों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। इसी हादसे में घायल दूसरे बाइक सवार विजय यादव की मौत रात करीब 10:30 बजे एक निजी क्लिनिक में हुई। वहीं, देर रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच सड़क हादसे में घायल एक अज्ञात व्यक्ति की भी सदर अस्पताल मे मौत हो गई। तीसरा घायल आनंद मिश्रा शहर के एक निजी क्लिनिक में इलाजरत है। तीसरे मृतक की नहीं हुई पहचान मृतकों में बनगांव थाना क्षेत्र के चैनपुर पंचायत, ढोली वार्ड 16 निवासी 45 वर्षीय विजय यादव और बनगांव थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड नंबर 17 निवासी अजय रजक के 18 वर्षीय पुत्र सौरभ कुमार शामिल हैं। तीसरे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। सौरभ कुमार अपने दो भाइयों और एक बहन में सबसे बड़े थे। वह सिमरी बख्तियारपुर आईटीआई कॉलेज के छात्र थे। गुरुवार देर शाम वह अपने दो दोस्तों के साथ बाइक से घूमने निकले थे, तभी यह हादसा हुआ। मृतक विजय यादव राजमिस्त्री का काम करते थे। निजी अस्पताल में 2 घायल का चल रहा इलाज इस हादसे में 18 वर्षीय शिवम कुमार और 18 वर्षीय आनंद मिश्रा भी घायल हुए हैं। ये दोनों बनगांव थाना क्षेत्र के नगर पंचायत वार्ड नंबर 17 के निवासी हैं और इनका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। परिजनों ने सदर अस्पताल में इलाज में देरी का आरोप लगाया है। वह चार भाइयों में सबसे बड़ा था। उसे एक लड़का और एक लड़की है। वह घर का अकेला कमाने वाला सदस्य था, जिसके कमाई से पूरे परिवार की परवरिश होती थी। विजय का छोटा भाई छोटू कुमार यादव ने बताया कि वह घर से महिषी के लिए निकले थे। इसी दौरान अज्ञात ट्रैक्टर ने उन्हें जबरदस्त टक्कर मार दी जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। जिन्हें पहले बरियाही स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां बेहतर इलाज के लिए सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल में भी बेहतर सुविधा नहीं होने की वजह से वह नजदीक के निजी की निकल गए, जहां उसकी मौत हो गई। मौत से पूरा परिवार अस्पताल के सिस्टम पर सवाल खराब किया है और उन्होंने जांच की मांग की है। बेड पर तड़प-तड़प कर तीसरे की मौत तीसरी मौत अज्ञात व्यक्ति की हुई जो सहरसा सदर अस्पताल के बेड पर तड़प तड़प कर रात करीब डेढ़ 2:00 बजे मौत हो गई। अस्पताल मे मरीज के एक परिजन ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति के समुचित इलाज नहीं मिलने कारण उसकी मौत हो गई है। गुरुवार की रात सौरव के मौत को लेकर उनके परिजन ने अस्पताल में न केवल हंगामा किया, बल्कि एक गार्ड को भी पीटा। साथ ही करीब डेढ़ से 2 घंटे तक अस्पताल के इमरजेंसी सेवा ठप रही। सहरसा सदर थाना अध्यक्ष सुबोध कुमार ने कहा सड़क हादसे मे जख्मी मरीज की मौत को लेकर बवाल किया गया था। लोगों को शांत कराया गया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जा रही है। सिविल सर्जन डॉ राजनारायण प्रसाद ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर लापरवाही की मौत को लेकर जांच किया जाएगा।



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