सीधी जिले के ग्राम कोस्टा कोठार में खेत तालाब निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि राजीव पांडे के खेत में तालाब बनाने का काम शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे शुरू किया गया। ग्रामीणों ने मनरेगा के तहत मजदूरों से कराए जाने वाले इस कार्य को जेसीबी मशीन से कराने पर सवाल उठाए हैं। शनिवार सुबह ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत सीधे कलेक्टर विकास मिश्रा से की। ग्रामीणों का आरोप है कि खेत तालाब योजना के तहत पहले भी कई बार राशि निकाली जा चुकी है, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं हुआ। अब जब मामला सामने आने लगा, तो रोजगार सहायक सत्य प्रकाश पांडे ने आनन-फानन में निर्माण कार्य शुरू करा दिया। गांव के पूर्व सरपंच रमेश कुमार बंसल ने इसे भ्रष्टाचार का मामला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में लगातार अनियमितताएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। बंसल ने वर्तमान सरपंच कलावती रावत और रोजगार सहायक की मिलीभगत से यह कार्य कराए जाने का भी आरोप लगाया। ग्रामीणों के अनुसार, जेसीबी से काम कराने का उद्देश्य मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान दिखाना और सरकारी राशि का गबन करना है। इससे मनरेगा योजना के तहत स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की शासन की मंशा भी प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, रोजगार सहायक सत्य प्रकाश पांडे ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कार्य पूरी तरह नियमों के अनुसार किया जा रहा है और कुछ लोग उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। कलेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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