मेरठ में सेंट्रल मार्केट की 44 संपत्तियों को सील करने के बाद बची हुई संपत्तियों को सेटबैक कार्रवाई करने के लिए आदेश दिया गया। इसके बाद से ही मार्केट की रौनक खत्म हो गई है। बाजार में बचे हुए कॉर्मशियल हिस्से में भी अब रौनक खत्म हो गई है। व्यापारी बोले उजड़ गया बाजार कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में दुकान चलाने वाले मोहित ने बताया कि जो व्यापारी पिछले 25 सालों से यहां दुकान चला रहे थे आज वही खुद अपनी दुकानों को तोड़ते हुए नजर आ रहे हैं, इसके साथ ही व्यापारियों का भी कहना है कि सेंट्रल मार्केट आज से 20 साल पहले की स्थिति में पहुंच गया है बाजार की रौनक बिल्कुल खत्म हो गई है। इसके साथ ही अब कमर्शियल बाजार में भी वह रौनक नहीं बचेगी। व्यापारी इस पूरे प्रकरण का दोषी आवास विकास परिषद को मान रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि अगर हमारा बाजार गलत था, या हम गलत तरीके से यहां बाजार बना रहे थे तो आवास विकास को उसे समय ही रोक लगा देनी चाहिए था। या फिर अब मध्यस्थता करते हुए कोई ऐसा नियम लेकर आना चाहिए था जिससे हम अपने बाजारों को बचा पाए।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार सेंट्रल मार्केट क्षेत्र की 859 आवासीय संपत्तियों पर चल रही कमर्शियल एक्टिविटी को बंद कर सेटबैक के अनुसार तोड़ने के निर्णय के बाद सेंट्रल मार्केट का क्षेत्र पूरी तरह बर्बाद होता दिखाई दे रहा है। व्यापारी खुद अपनी दुकानों को तोड़ते दिखाई दे रहे हैं। सपने में भी नहीं सोचा था मार्केट के व्यापारियों का सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद कहना है कि हमने कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि जो दुकाने जीवन भर मेहनत कर खड़ी की थी उनको खुद तोडना पड़ेगा। हमारे पास सुप्रीम कोर्ट काआदेश मानने के अलावा कोई चारा नहीं है लकिन हम चाहते हैं सरकार इसमें मध्यस्ता करे।
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