होशियारपुर के नूरपुर जट्टा गांव में भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा खंडित कर दी गई है। इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा और रोष व्याप्त है। इस कृत्य ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना पंजाब में लगातार हो रही ऐसी वारदातों की कड़ी में शामिल है, जो राज्य की कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रही हैं। प्रतिमा खंडित होने के बाद से राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है और विभिन्न राजनीतिक दल सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। शिवसेना ने मामले पर व्यक्त की चिंता मोगा जिले में शिवसेना पंजाब के उपाध्यक्ष गगन नौहरिया, राम बचन राय, विकास कपूर (महासचिव पंजाब) और मनदीप शर्मा (महिला सेना पंजाब अध्यक्ष) ने इस मामले पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में नूरपुर जट्टा में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जो प्रशासन की विफलता को दर्शाती हैं। कई जगहों पर हो चुकी वारदात नेताओं ने आगे कहा कि न केवल नूरपुर जट्टा, बल्कि अमृतसर और फिल्लौर जैसे इलाकों में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, जिससे राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में आपराधिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं, जिससे लूटपाट, चोरी और हिंसक घटनाओं के कारण आम लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पजाब सरकार पर तंज शिवसेना नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि दलित समुदाय से जुड़े मामलों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और छात्रवृत्ति जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में भी अनावश्यक देरी हो रही है। उन्होंने विदेश में बैठे कुछ आतंकवादी तत्वों द्वारा पंजाब के माहौल को खराब करने और युवाओं को गुमराह करने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। दोषियों पर कार्रवाई की मांग हालांकि, नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि पंजाब के लोग हमेशा से सांप्रदायिक सौहार्द और एकता के पक्षधर रहे हैं और वे किसी भी कीमत पर सामाजिक एकता को टूटने नहीं देंगे।उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
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