वृंदावन में हुए नाव हादसे में अब भी श्रद्धालु लापता हैं। इन्हें ढूंढने के लिए सेना, NDRF-SDRF समेत करीब 250 लोगों की टीम लगी है। जांच का दायरा भी 14 किमी से बढ़ाकर 20 किमी कर दिया गया है। लेकिन इनमें से किसी का पता नहीं चला। इस हादसे में 13 श्रद्धालु
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पहला युवक लुधियाना का रहने वाला है और पहली बार वृंदावन गया था। वह बांके बिहारी ग्रुप के साथ जुड़ा था और ढोलक बजाता था। हादसे से पहले सामने आए वीडियो में भी वह भजन गाते हुए ढोलक बजाता नजर आया है।
दूसरी महिला की शादी को अभी 6 महीने ही हुए थे। वह अपनी सास के साथ यात्रा पर गई थी। उसका पति विदेश में है और उसकी भी जल्द विदेश जाने की तैयारी थी। हादसे के समय वह अपनी एक पड़ोसी महिला के साथ नाव में बैठी थी।
तीसरा युवक फाजिल्का के जलालाबाद का रहने वाला है। वह माता-पिता का इकलौता बेटा था। युवक निजी कंपनी में काम करता था। उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। हादसे में उसके दो रिश्तेदारों की मौत हो चुकी है।
हादसे में लापता तीनों श्रद्धालु कौन हैं, उनके परिवार का क्या कहना है, जानने के लिए पढ़ें रिपोर्ट…..
विस्तार से पढ़िए, लापता श्रद्धालुओं के बारे में…
1. यश भल्ला, लुधियाना
- पहली बार वृंदावन गया था: लुधियाना के जस्सियां रोड के रहने वाला यश भल्ला (22) का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। यश की मां सुनीता ने कहा- यश पहली बार वृंदावन गया था। वह 1 महीने से इसके के लिए खुश था। हमें घर पर कहता था कि मां इस बार मैं जाकर आता हूं। अगली बार आपको लेकर जाऊंगा। सुनीता ने कहा कि मुझे क्या पता था कि मेरा बेटा खुद नहीं लौटेगा।
- ढोलक बजाते हुए बांके बिहारी ग्रुप से जुड़ा: उन्होंने कहा कि यश भल्ला बांके बिहारी ग्रुप के साथ अपने भाई के जरिए जुड़ा था। बांके बिहारी ग्रुप के सदस्यों ने यश को किसी धार्मिक संकीर्तन में ढोलक बजाते देखा था। इसके बद उन्होंने उसे अपने ग्रुप में शामिल कर लिया।
- नाव ढूबने से पहले के वीडियो में ढोलक बजाते दिखा: सामने उन्होंने कहा कि नाव ढूबने से पहले की जो वीडियो सामने आई है, उसमें भी यश ढोलक बजाता हुआ नजर आ रहा है। संचालकों से यश ने ढोलक बजाने के पैसे भी नहीं लिए थे। उसने कहा था कि आप मुझे वृंदावन लेकर जा रहे हैं, इससे बड़ी मेरे लिए और सेवा क्या हो सकती है। यश का बड़ा भाई अकाउंटेंट है। मां सुनीता हाउस वाइफ है और पिता रेहड़ी-फड्डी लगाकर कपड़े बेचते है।
यह वीडियो हादसे में पहले का है, जिसमें यश भल्ला ढोलक बजाते हुए दिखा।
2. मोनिका, लुधियाना
- 6 महीने पहले ही शादी हुई: आम आदमी पार्टी की हलका आत्म नगर दुगरी की इंचार्ज सोनिया ने कहा कि मोनिका भी अभी लातपा है, जो अपनी सास सविता के साथ गई थी। उसकी 6 महीने पहले ही शादी हुई थी। वह पहले उनके घर के पास रहती थी। फिर वह ओमेक्स शिफ्ट हो गई। शादी के बाद मोनिका का पति विदेश चला गया।
- वृंदावन जाना नहीं चहती थी, सास ने मनाया: उन्होंने कहा कि सविता अपनी बहू मोनिका को अकेले घर पर छोड़ कर जाना नहीं चाहती थी। उन्होंने कई बार मना भी किया। लेकिन जब वृंदावन जाने का प्लान बना तो उन्होंने मोनिका को भी तैयार कर लिया। मोनिका और एक पड़ोसी महिला डिंकी कश्ती में भी एक साथ बैठी थीं।
- पीआर मिलते ही जल्द विदेश जाने वाली थी: पड़ोसी राजिंदर जो बचकर आए हैं, ने बताया कि मोनिका की पीआर आने वाली थी। जिसके बाद मोनिका भी विदेश जाने वाली थी। लेकिन अब सविता उनके पति और मोनिका का देवर अब उसकी तलाश में वृंदावन में हैं। मोनिका के पति को भी सूचना दे दी गई है। डिंकी का शव जिस पुल के नीचे मिट्टी में दबा था, आज शव फूल जाने के कारण बाहर आ गया।
- मोनिका और डिंकी ने एक दूसरे के हाथ पकड़े: राजिंदर ने कहा कि अब यही शक है कि मोनिका भी उसी के आस-पास ना हो। क्योकिं मोनिका और डिंकी ने एक दूसरे के हाथ पकड़ लिए थे। बचाव करने के लिए हमारी भगवान से प्रार्थना है कि मोनिका को सकुशल परिवार में भेजे।
यह फुटेज भी हादसे में पहले का है। नाव में मोनिका डिंकी के साथ बैठी है।
3. पंकज मल्होत्रा, जलालाबाद
- दो बहनों के इकलौते भाई, 2 बच्चें भी हैं: फाजिल्का के जलालाबाद का पंकज मल्होत्रा अभी भी लापता हैं, जिससे उनके परिवार में गहरी चिंता का माहौल है। पंकज एक निजी सरिया कंपनी में काम करते थे और अपने परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। वह दो बहनों के इकलौते भाई हैं और उनके ऊपर ही पूरे घर की जिम्मेदारी थी। पंकज शादीशुदा हैं और उनके दो छोटे बच्चे हैं- 8 साल का बेटा और 3 साल की बेटी, जिनका पालन-पोषण भी उन्हीं की कमाई से हो रहा था।
- साथ गए मौसा-मौसी का शव मिला: पंकज अपने रिश्तेदारों के साथ तीर्थ यात्रा पर वृंदावन गए हुए थे। इसी दौरान हुए नाव हादसे में वह लापता हो गए। इस हादसे में उनके मौसेरे भाई मदुर बहल और मौसी कविता बहल की डूबने से मौत हो गई, जिनके शव बरामद कर लिए गए हैं, लेकिन पंकज का अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
- परिवार सलामती के लिए दुआ कर रहा: पंकज के एक अन्य मौसा अश्वनी कुमार ने बताया कि हादसे में कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन पंकज अब भी लापता हैं। उन्होंने कहा कि पूरा परिवार लगातार उसकी सलामती के लिए दुआ कर रहा है और उम्मीद है कि वह जल्द सुरक्षित मिल जाएगा। परिजन और स्थानीय प्रशासन पंकज की तलाश में जुटे हुए हैं। परिवार के लोग हर पल किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं और उनकी वापसी की आस लगाए बैठे हैं।
जानिए कैसे हुआ हादसा?
हादसे में जिंदा बचे एक युवक ने बताया- नाव तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। हवा करीब 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थी। नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक का नियंत्रण छूट गया। पर्यटकों ने कहा कि पुल आने वाला है, नाव रोक लीजिए, लेकिन उसने नहीं सुनी। दो बार नाव पुल से टकराने से बची, लेकिन तीसरी बार टक्कर हो गई और नाव डूब गई।
हादसे से जुड़े अब तक के बड़े अपडेट्स
- 9 अप्रैल को लुधियाना में बांके बिहारी क्लब 2 बसों में 130 श्रद्धालुओं को यात्रा करनो के लिए मथुरा के वृंदावन ले गया था। इसके अगे दिन ही शुक्रवार (10 अप्रैल) दोपहर 3 बजे 38 श्रद्धालुओं से भरी नाव पलट गई थी।
- हादसा श्री बांके बिहारी मंदिर से 2 किमी दूर केसी घाट पर हुआ था। पुलिस ने आरोपी नाविक पप्पू निषाद और पांटून पुल के ठेकेदार नारायण शर्मा को जेल भेज दिया है। पप्पू ने अपनी नाव में श्रद्धालुओं को जुगल घाट से बैठाया था। घटना के वक्त पहले 10 श्रद्धालुओं को मौत की सूचना सामने आई थी। इसके एक ही परिवार के 9 लोग शामिल थे।
- हादसे के दूसरे दिन नदी में 14 किमी के दायरे में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जिसमें अबोहर के एक मानिक टंडन की लाश मिली। जिसके बाद मारने वाले श्रद्धालुओं का आंकडा बढ़ाकर 11 हो गया। वहीं 5 श्रद्धालु लापता बताए गए। मानिक की सगाई हो चुकी थी और सितंबर में शादी होनी थी।
- हादसे में तीसरे दिन रविवार (12 अप्रैल) को सेना, NDRF-SDRF की टीम ने 20 किमी के दायरे में सर्च ऑपरेशन चला। हालांकि इससे पहले ही सुबह दो और शव मिले। जो फूलकर नदी के ऊपर आ गए थे। रस्सी बांधकर शवों को नाव में खींचा गया और बाहर निकाला। इनकी पहचान पंजाब के दुगरी (लुधियाना) की डिंकी और जगराओं के ऋषभ शर्मा के रूप में हुई।
- डिंकी BA फाइनल ईयर की छात्रा थी। बीमार पिता के लिए मन्नत मांगने मां और बहन के साथ वृंदावन आई थी। मां की लाश पहले ही बरामद हो चुकी है।। इस बीच, हादसे से पहले के 4 वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें श्रद्धालु ढोलक-मंजीरा बजा रहे हैं। भक्ति भाव में डूबे श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारे लगा रहे हैं। ‘नजर सांवरे लग न जाए कहीं..’ भजन गा रहे हैं।
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